विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में वल्नरेबल और क्रिटिकल बूथों पर चली आ रही कसरत पूरी कर ली गई है। चुनाव को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से जिलेभर में 238 मतदान केंद्र और 401 बूथों को क्रिटिकल की श्रेणी में रखा गया है। इन मतदान केंद्रों और बूथों पर प्रशासन और आयोग की पैनी नजर रहेगी। वहीं 31केंद्र और 47 बूथों को वल्नरेबल की श्रेणी में रखा गया है। जबकि 411 मतदान केंद्र और 801 बूथों को वेब कॉस्टिंग के लिए चिन्हित किया गया है। प्रशासनिक अमला विधानसभा चुनाव की तैयारियों को पूरा करने में जुटा है।
जिले के चारों विधानसभाक्षेत्रों में वल्नरेबल और क्रिटिकल मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है। मतदान को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान कर ली गई है। यह लोग फिलहाल पूरी तरह थानाक्षेत्र की पुलिस की निगरानी में हैं। इसके अलावा वल्नरेबल मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौती बन गई है। इसका आशय यह हुआ की चुनाव की दृष्टि से यह चिह्नित बूथ अत्यधिक नाजुक हैं। इन पर सुुरक्षा की दृष्टि से अधिक मैनपावर की जरूरत पड़ेगी। जिले में सर्वाधिक 15 वल्नरेबल मतदान केंद्र नौगांवा सादात और 27 मतदेय स्थल शामिल हैं। इसके अलावा सबसे कम हसनपुर में दो मतदेय स्थल और चार मतदेय स्थल हैं। जबकि क्रिटिकल मतदान केंद्रों में अमरोहा विधानसभा क्षेत्र में 83 मतदान केंद्र शामिल हैं। जबकि सबसे कम नौगांवा सादात में 36 हैं। इसके अलावा मतदेय स्थलों में सर्वाधिक 135 हसनपुर और नौगांवा सादात में सबसे कम 70 मतदेय स्थल हैं। साथ ही 411 मतदान केंद्र और 801 बूथों को वेब कॉस्टिंग के लिए चिन्हित किया गया है।