गजरौला (अमरोहा)। रतनपुर कलां गांव निवासी बच्ची अलशिफा की हाईवे के नाले में गिरकर मौत के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि नाला खुला नहीं होता तो बच्ची की जान नहीं जाती। परिजनों ने अभी मामले में तहरीर नहीं दी है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव महेशरा में सोमवार को ननिहाल में रुकी पाकबड़ा थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर कलां निवासी अलशिफा पुत्री माजिद की हाईवे के नाले में गिरकर मौत हो गई। बच्ची मामा जफरुद्दीन व मौसी बानो के साथ बाइक से दवाई लेकर लौट रही थी। अचानक आए वाहन से बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई थी। जिससे जफरुद्दीन व बानो घायल हो गए थे, जबकि बच्ची की नाले में गिर गई थी। सात-आठ फीट गहरे नाले में गिरी बच्ची को मशक्कत के बाद तलाश कर बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की सूचना पाकर पर पहुंचे सीओ श्वेताभ भास्कर ने भी माना था कि नाला खुला नहीं होता तो बच्ची की जान नहीं जाती। एसडीएम चंद्रकांता का कहना है कि उनको जानकारी मिली है कि प्राधिकरण की लापरवाही के कारण हादसा हुआ। वह प्राधिकरण को पत्र लिखकर जवाब तलब करेंगी। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी।
बालिका की मौत के बाद जागा प्राधिकरण
हाईवे पर खुले नाले में गिरकर बच्ची की मौत के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नींद टूटी है। राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा कर रही कंपनी नाले को ढकने की तैयारी कर रही है। कंपनी के जीएम ललित मोहन तिवारी का कहना है कि फिलहाल नाले की दीवार ऊंची कर दी गई हैं। उसे जाल से ढकने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। बजट मिलने पर उसे ढका जाएगा। फिलहाल दीवार ऊंची कर दी गई है।
ननिहाल से शव ले गए परिजन
ननिहाल में ईद मनाने के लिए अलशिफा अपनी मां के साथ महेशरा में मामा के घर आई थी। कुछ दिन बाद मां अपने घर चली गई, जबकि अलशिफा मामा के घर रुक गई थी। सोमवार दोपहर नाले में गिरकर उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। महेशरा से उसके परिजन शव रतनपुर कलां ले गए। जहां पर शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।