हसनपुर। सरकारी जमीनों की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित करने का चर्चित मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। क्षेत्र के गांव ताहरपुर में सरकारी भूमि की हेराफेरी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस पूरे प्रकरण में अब एसडीएम न्यायालय में वाद दायर कर दिया गया है, जिससे अवैध पट्टाधारकों में खलबली मच गई है।
राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि रेत के टीले के रूप में दर्ज सुरक्षित श्रेणी की करीब 175 बीघा भूमि का वर्गीकरण बदलकर नियमों के विपरीत 35 लोगों को पट्टे आवंटित किए गए थे। डीएम के निर्देश पर एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद एसडीएम न्यायालय में वाद दाखिल किया गया।
वाद दर्ज होने के बाद संबंधित पट्टाधारकों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध पट्टाधारकों और भूमाफिया में हड़कंप मच गया है।
इससे पहले गंगेश्वरी और दढ़ियाल गांवों में करीब 225 अवैध पट्टे निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि रहरा और आदमपुर गांवों से जुड़े मामलों की सुनवाई एडीएम (न्यायिक) की अदालत में चल रही है।
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि ताहरपुर में रेत के टीले के नाम पर दर्ज भूमि की श्रेणी बदलकर किए गए पट्टा आवंटन के मामले में वाद दायर किया जा चुका है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी।