अमरोहा। सोशल मीडिया के कुछ नुकसान हैं तो कुछ फायदे भी। फायदा तभी हैं जब उसका सकारात्मक नजरिया से इस्तेमाल किया जाए। ऐसी ही अमरोहा के एक सिपाही की सकारात्मक सोच ने दस साल पहले अपनी मां से बिछड़े 55 वर्षीय व्यक्ति को मिला दिया। लंबे अरसे बाद वीडियो कॉल पर बेटे को देखा तो उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े। बुजुर्ग मां बेटे को लेने पुलिस ऑफिस पहुंचीं तो उन्होंने एसपी अमित कुमार आनंद और सिपाही अश्वनी कुमार का आभार व्यक्त किया।
अमरोहा पुलिस कार्यालय की रिट सेल में तैनात मुख्य आरक्षी अश्वनी कुमार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। उनके इंस्टाग्राम पर करीब 45 लाख फॉलोअर्स है। वह अक्सर लोगों की मदद करने से जुड़ी वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड करते रहते हैं। 23 अगस्त को मुख्य आरक्षी अश्विनी कुमार ड्यूटी करके घर घर लौट रहे थे। तभी सड़क किनारे लावारिस हालत में एक असहाय व्यक्ति बैठे मिले।
अश्वनी कुमार ने उन्हें देखकर रुक गए और उनसे बात करने की कोशिश की। मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति ने अपना सलीम बताया लेकिन परिवार और घर का पता नहीं बता सके। सिपाही ने उन्हें भोजन खिलाया और नए कपड़े बनाए। तभी सिपाही अश्वनी कुमार ने सलीम की मदद का एक वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सलीम के परिजनों तक भी पहुंच गया। परिजनों ने सलीम की पहचान कर तुरंत सिपाही को वीडियो कॉल की।
मां ने जताया पुलिस का आभार
परिजनों ने बताया कि सलीम देवरिया जनपद में हरैया गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम शफीउद्दीन है। पता चला कि सलीम पिछले दस वर्षों से लापता थे उनके परिवार में उनकी 77 वर्षीय मां है और सलीम उनके इकलौते बेटे हैं। वीडियो कॉल पर सिपाही ने सलीम को दिखाया तो उनकी बुजुर्ग मां के आंसू छलक पड़े। इसके बाद सलीम के परिजन अमरोहा पुलिस ऑफिस पहुंचे। यहां एसपी अमित कुमार आनंद की मौजूदगी में सलीम को उनके सुपुर्द कर दिया गया। सलीम की बुजुर्ग मां ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
वर्जन
सिपाही अश्विनी कुमार ने इससे पहले भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए चार लोगों को परिवार से मिलाया था। यह कार्य न केवल एक परिवार के जीवन में खुशियां वापस लाने वाला है बल्कि पुलिस की जनसेवा, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। इस सकारात्मक पहल की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशंसा हो रही है। यही पुलिस का असली कार्य है।
- अमित कुमार आनंद, एसपी