परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 5981 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि, अमरोहा शहर, जोया, गजरौला, हसनपुर, मंडी धनौरा और नौगांवा सादात की सड़कों पर 25 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं। प्रशासन ने कई बार इन पर लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। सख्ती पर दो-चार दिन समस्या से निजात मिलने के बाद व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आती है। शहर में ई-रिक्शा चालकों को किसी स्टैंड से कोई मतलब नहीं होता। चालक जहां चाहे वहां स्टैंड बना लेते हैं।
बाजार में ई-रिक्शा खड़ा कर सवारियों को बैठाने या उतारने से जाम लग जाता है। रोजाना अमरोहा पूरा शहर जाम की जद में रहता है, जिसका मुख्य कारण ई-रिक्शा का बेतरतीब संचालन है। चालक अपने ई-रिक्शा को बेतरतीब ढंग से चलाते हैं, जो जाम का कारण बनता है। जाम लगने पर दूर-दूर तक दोनों ओर ई-रिक्शा ही नजर आते हैं। कुछ दिन पहले यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक प्लान बनाया गया था। इसमें ई-रिक्शा का शहर में घुसने व बाहर निकलने का रूट तैयार किया था। कुछ दिन शहर में ई-रिक्शा का संचालन ट्रैफिक प्लान के तहत किया गया, लेकिन धीरे-धीरे प्लान चौपट हो गया और ई-रिक्शा चालक मनमानी करने लगे।
ई-रिक्शा का मार्ग तय करना भूले अफसर
शहर में यातायात बेतरतीब है। ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर का रूट निर्धारित नहीं है। सड़कों पर जगह-जगह मनमर्जी से ई-रिक्शा खड़े होते हैं। शहर के बिजनौर रोड, कोट चौराहा, आजाद मार्ग, बड़ा बाजार, लकड़ा चौराहा पर जाम व हादसे की वजह बने हुए हैं। पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर नहीं हैं।
ईद पर शहर में ई-रिक्शा पर रही पाबंदी
ईद को लेकर पुलिस प्रशासन ने अलर्ट है। खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ने पर बाजार में ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगा दी। साथ ही ईद की नमाज अदा होने तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री रही। सभी भारी वाहनों को बाईपास से गुजारा जाएगा।
- एक अप्रैल से अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। हमारे कार्यालय में 5981 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जबकि सड़कों पर इससे कहीं ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। बिना पंजीकृत ई-रिक्शा संचालन नहीं होने दिया जाएगा।- महेश शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन