डिडौली (अमरोहा)। बाइक कंपनी की डीलरशिप लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद शातिरों ने कारोबारी से 37 लाख रुपये ठग लिए। कंपनी के बताए गए खाते में ऑनलाइन ही पैसे ट्रांसफर किए थे। निर्धारित समय बीतने के बाद भी डीलरशिप नहीं मिली। कारोबारी को ठगी का एहसास हुआ तो होश उड़ गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी पूनम से की। उनके आदेश पर डिडौली पुलिस ने कंपनी डायरेक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
डिडौली कोतवाली के कस्बा जोया स्थित मोहल्ला प्रेमनगर में वीरेंद्र शर्मा का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि उनके बेटे पीयूष ने अगस्त 2021 में इलैक्ट्रिक बाइक की एजेंसी लेने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी हासिल की थी। इस दौरान पीयूष का संपर्क हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर सेक्टर-4 स्थित रिवोल्ट इंटेलिकोर्प प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का पता और मोबाइल नंबर मिले। उनके बताने के बाद पीयूष ने डीलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। इसके बाद कंपनी के डायरेक्टर रोहित मित्तल, कर्मी राहुल मैथ्यु से फोन पर संपर्क हुआ। आरोप है कि रोहित मित्तल और राहुल मैथ्यु ने रजिस्ट्रेशन, कन्फर्मेशन लेटर, एनओसी, एग्रीमेंट, एआरटीओ लाइसेंस फीस, कांट्रेक्ट फीस और 50 बाइकों की कुल कीमत की आधी धनराशि जमा कराई। 28 अक्तूबर तक कंपनी के खाते में 37 लाख पांच हजार 708 रुपये जमा कराए गए। एक नवंबर को कंपनी की टीम द्वारा सर्वे करने के बाद 50 बाइकें भेजनेे का आश्वासन दिया था, लेकिन कंपनी द्वारा बाइकें नहीं भेजी गईं। रोहित और राहुल के फोन नंबर पर संपर्क किया गया तो दोनों के नंबर बंद आए। इसके बाद कारोबारी पिता-पुत्र कंपनी पहुंचे तो यहां स्टाफ ने दोनों से मिलने नहीं दिया गया और अभद्रता करके लौटा दिया। पीड़ित वीरेंद्र शर्मा ने एसपी पूनम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई कराने की मांग की। एसओ रमेश सहरावत ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर रोहित मित्तल, कर्मी राहुल मैथ्यु और अज्ञात कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।