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यूक्रेन से अब तक लौटे 32 छात्र, चार की वतन वापसी का इंतजार

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32 students returned from Ukraine so far, waiting for the return of four - फोटो : HASANPUR
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रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे अमरोहा के 32 छात्र सकुशल लौट चुके हैं, लेकिन चार छात्रों के लौटने का इंतजार अभी परिजनों को है। ये छात्र सुरक्षित स्थानों पर बताए जा रहे हैं, लेकिन उनके परिजन बेहद चिंतित हैं।
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जनपद के 36 छात्र यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें कई छात्रों का पहला साल है, तो कई छात्र डॉक्टर की डिग्री मिलने के करीब हैं। 23 फरवरी की रात रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है। लगातार हमलों के बीच यूक्रेन तबाही की कगार पर खड़ा है। युद्ध छिड़ने के बाद भारतीय छात्र स्वदेश लौटने की जद्दोजहद में लगे हैं। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिसके मुताबिक अमरोहा तहसील क्षेत्र के 23 छात्र यूक्रेन में पढ़ते हैं। जबकि हसनपुर तहसील क्षेत्र 5, नौगांवा सादात तहसील क्षेत्र के चार और मंडी धनौरा के छात्रों की संख्या भी 4 है। सोमवार शाम तक 32 छात्र स्वदेश लौट चुके हैं। सोमवार को स्वदेश लौटने वालों में नौगांवा सादात के बिलना निवासी मोहम्मद शारिक और अमरोहा निवासी फरहान पाशा हैं। जनपद के अभी चार छात्र यूक्रेन के आसपास सुरक्षित स्थानों पर बताए गए हैं। यहां परिजन उन्हें लेकर चिंतित हैं।
गजरौला क्षेत्र के एकीकृत विद्यालय तिगरिया खादर में रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए छात्र छात्राओं ने पोस्टर पर नारे लिखकर विश्व समुदाय एवं दोनों देशों से अपील की है कि युद्ध को तत्काल रोका जाए। युद्ध अति विनाशकारी है। यह दुनिया के लिए घातक साबित हो सकता है।
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सोमवार को प्राथमिक विद्यालय तिगरिया खादर में रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए छात्र-छात्राओं ने पोस्ट पर नारे लिखकर जागरूकता अभियान चलाया। विश्व समुदाय से अपील की गई है कि दोनों देशों में नौ दिन से चल रहे युद्ध को तत्काल रोका जाए। युद्ध के कारण संपत्ति के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जनहानि हो रही है। इस अवसर पर डॉक्टर पृथी सिंह ने कहा कि राष्ट्र संघ को प्रभावशाली प्रयास करके युद्ध रोकने हेतु मध्य मार्ग निकाल लेना चाहिए ताकि मानवता ओर पूरी दुनिया को युद्ध के भयंकर दुष्परिणामों से बचाया जा सके। जो सैनिक युद्ध की भेंट चढ़ रहे है वह भी किसी मां बाप की संतान है। युद्ध रोकने की हेतु अपील करने वालो में श्वेता सक्सेना ,छवि सिंघल, सोनिका जावला, शिखा तोमर, रेखा रानी,मंजू देवी आदि रहे।
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