डेंगू बुखार ने बीटेक फाइनल के छात्र की जिंदगी को निगल लिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा है। तीन अन्य लोग भी डेंगू की चपेट में हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दिल्ली तो किसी का मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। बीलना गांव में डेंगू से यह दूसरी मौत है। सप्ताह भर पहले एक और युवक डेंगू का निवाला बन चुका है। इसके अलावा ढबारसी में एक किसान और जोया में एक महिला की बुखार से मौत हो गई।
थाना क्षेत्र के गांव बीलना निवासी अब्दुल वाहिद का बेटा सुहैल (23) आईएफटीएम इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक फाइनल का छात्र था। गत 19 अक्टूबर को उसे बुखार आया था। जिस पर परिजनों ने इलाज कराया, मगर हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने उसको मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया, किंतु उसकी स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ती चली गई।
इसके बाद परिजनों ने दिल्ली के अर्जुन अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। शुक्रवार की सुबह आठ बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुनते ही परिवार के लोग रोने बिलखने लगे। उधर गांव के ही वसीम पुत्र अब्दुल हकीम, अनवर पुत्र हकीमउल्ला, शाह आलम पुत्र महमूद में भी डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। तीनों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इनमें वसीम व शाह आलम का इलाज दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है, जबकि अनवर का मुरादाबाद में हो रहा है।
यहां बता दें कि सप्ताह भर पहले गांव में एजाज की मौत भी डेंगू से हुई थी। उधर, जोया केडिडौली कोतवाली क्षेत्र में बुखार ने एक और जिंदगी को लील लिया। घटना के बाद मृतका के परिवार के लोग गमजदा हैं। क्षेत्र के गांव करनपुर निवासी शाहीन (36) पत्नी सुलेमान को तीन दिन पहले तेज बुखार आया था।
इलाज के बाद भी उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ था। इसके बाद परिजनों ने उसे मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। रो रोकर परिजनों का हाल बेहाल है।