अमरोहा। जमीन की खरीद-फरोख्त करने में शामिल तीन कारोबारियों के खाते हैक कर साइबर अपराधियों ने 2.25 लाख रुपये निकाल लिए। अलग-अलग तारीखों में आठ से दस बार में धनराशि निकाली गई। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, कारोबारी ने रजिस्ट्रार के ऑफिस या वेबसाइट से डाटा चोरी होने का आरोप लगाया है।
नगर के मोहल्ला कोर्ट में शरद कुमार जैन का परिवार रहता है। वह मंडी समिति में गुड़ की आढ़त चलाते हैं। उनका अकाउंट टीपी नगर चौराहा स्थित आईडीबीआई बैंक और पंजाब नेशनल बैंक शाखा में है। आरोप के मुताबिक करीब दो महीने पहले उन्होंने गुलड़िया रोड निवासी परमानंद सिंह से जमीन खरीदी थी। परमानंद भी मंडी में फल की आढ़त चलाते हैं। जबकि, मंडी समिति के सामने रहने वाले कुलदीप कुमार का साइकिल शोरूम है। कुलदीप कुमार जमीन की खरीद-फरोख्त में गवाह बने हुए थे। तीनों कारोबारियों के आधार कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज रजिस्ट्रार ऑफिस में जमा किए गए थे।
इस बीच साइबर ठगों ने तीनों कारोबारियों के बैंक अकाउंट हैक कर 5 सितंबर से लेकर 12 सितंबर तक 8 से 10 बार ट्रांजक्शन कर शरद कुमार जैन के खाते से 80 हजार, कुलदीप कुमार के खाते से 1.25 लाख और परमानंद सिंह के खाते से 15 हजार रुपये निकल दिए। हैरत की बात यह है कि तीनों में से किसी भी कारोबारी के पास खाते से रुपयों की निकासी का मोबाइल पर एसएमएस नहीं आया। दो दिन पहले शरद कुमार जैन बैंक में अपना खाते की पासबुक अपडेट कराने पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। पीड़ित कारोबारी ने मामले की जानकारी शाखा प्रबंधकों को दी। इसके बाद कारोबारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं गुड़ कारोबारी शरद कुमार जैन का आरोप है जमीन को खरीदने-बेचने और गवाह के रूप में तीन लोग शामिल थे और तीनों के खाते से रुपये निकाल लिए गए। इससे साफ है कि रजिस्ट्रार के ऑफिस या वेबसाइट से डाटा चोरी हो रहा है। खाते से रुपयों की निकासी का एसएमएस भी नहीं मिला बड़ी बात है, ऐसे कई लोग हो सकते है, जिनके खाते से रुपये निकल गए है और उन्हें पता भी नहीं है।