अमरोहा। शराब में नशीली गोलियां मिलाकर बेचने के 12 साल पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी सतवीर सिंह सरदार को 10 साल के कारावास और 5500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जमानत पर बाहर चल रहे दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अगस्त 2014 को गजरौला थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक सुमन कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ गश्त कर रहे थे। ललिता देवी मंदिर के पास सूचना मिली कि बागड़पुर निवासी सतवीर सिंह ने अपने ससुर राजवीर के साथ गन्ने के खेत में शराब जमा कर रखी है और उसे गजरौला में सप्लाई करने जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके बोर से शराब की 13 बोतलें बरामद हुईं। बोतलों के ढक्कन खुले थे और उन पर शराब व ढक्कन की कंपनियां अलग-अलग थीं। बोतलों पर अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए होने का उल्लेख था।
पूछताछ में सतवीर ने शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए उसमें नशीली गोलियां मिलाने की बात बताई थी। पुलिस ने आबकारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। बाद में उसे जमानत मिल गई। अपर जिला जज विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट तृतीय में मामले की सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की। बृहस्पतिवार को साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सतवीर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।