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जिला अस्पताल में शुरू हुई अल्ट्रासाउंड जांच

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गौरीगंज (अमेठी)। अब मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दूसरे जिले के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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संयुक्त जिला अस्पताल में ही मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिलेगी। अस्पताल के चिह्नित कक्ष में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित होने व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होने के बाद बुधवार को डीएम ने सेंटर का शुभारंभ किया।
असैदापुर स्थित मलिक मोहम्मद जायसी संयुक्त जिला अस्पताल में संसाधनों की बढ़ोत्तरी की कवायद तेज हो गई है। अस्पताल में डायलिसिस सुविधा के साथ ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी व ब्लड जांच की सुविधा के बाद अब मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की भी सुविधा मिलेगी।
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अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से जहां चिकित्सकों को उपचार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था वहीं मरीजों को जांच के लिए दूसरे जिले के चक्कर काटने पड़ते थे। मरीजों की परेशानी को देखते हुए गर्भवती महिलाओं की निशुल्क चिह्नित पैथोलॉजी में जांच की व्यवस्था कराते हुए अन्य मरीजों को अमेठी सीएचसी रेफर करना पड़ता था।
स्वास्थ्य विभाग की मांग पर जगदीशपुर स्थित इंडोगोल्फ ने सीएसआर फंड से अल्ट्रासाउंड मशीन की आपूर्ति की मंजूरी देते हुए अस्पताल को आपूर्ति दी थी। मशीन की आपूर्ति मिलने के बाद मानक के अनुसार कक्ष तैयार कर मशीन के इंस्टॉलेशन समेत सभी तैयारियां पूरी करने के बाद स्वास्थ्य विभाग संचालन की कवायद में जुटा था।
शासन से जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुमेश्वर पुरी की तैनाती होने तथा अल्ट्रासाउंड मशीन इंस्टॉल होने के बाद बुधवार को डीएम अरुण कुमार ने सेंटर का शुभारंभ किया। अब जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच हो सकेगी।
मेडिकोलीगल में होगी सहूलियत
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच शुरू होने से मेडिकोलीगल केस में पीड़ित को अब अमेठी सीएचसी रेफर नहीं करना पड़ेगा। अब तक पीड़ितों की जांच के लिए अमेठी सीएचसी भेजना पड़ता था जिससे समय के साथ जांच भी प्रभावित होती थी। अमेठी रेफर करने पर पीड़ित, पुलिस कर्मी के साथ चिकित्सकों को भी परेशानी होती थी। अब जिला अस्पताल में अन्य जांच व परीक्षण के साथ अल्ट्रासाउंड होने पर पीड़ित व डॉक्टरों को सहूलियत मिलेगी।
प्रतिदिन महज तीन गर्भवती की होती थी जांच
प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए शहर के एक निजी केंद्र को अधिकृत किया गया था। केंद्र पर प्रतिदिन मात्र तीन गर्भवती महिलाओं की ही जांच होती थी। गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा नहीं मिलती थी।
हर दिन हो सकेंगे 40-50 अल्ट्रासाउंड
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुमेश्वर पुरी ने बताया कि प्रतिदिन 40-50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच हो सकेगी। अस्पताल में ही जांच होने से मरीजों के साथ डॉक्टरों को भी इलाज में आसानी होगी।
एमआरआई मशीन की मांग
मलिक मोहम्मद जायसी संयुक्त जिला अस्पताल में बुधवार को अल्ट्रासाउंड सेंटर का शुभारंभ होने के बाद सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने इंडोगोल्फ के सीएसआर हेड मनोज कुमार झा को कंपनी के सहयोग से अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए धन्यवाद दिया। सीएमओ ने सीएसआर हेड से कंपनी के सीएसआर फंड से जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित कराने का भी अनुरोध किया। सीएमओ के अनुरोध पर सीएसआर हेड ने कंपनी से वार्ता कर मशीन स्थापना में सहयोग का आश्वासन दिया।
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जल्द शुरू होगी जांच : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच शुरू होनी है। अस्पताल में जांच होने से मरीजों की बेहतर उपचार मिल सकेगा। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में उपचार की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। मरीजों की परेशानी नहीं हो इसके लिए चिकित्सक व दवाओं की मांग शासन से की गई है।
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