अमेठी। शहर स्थित विद्युत उपकेंद्र के पास शनिवार रात तालाब में कूदे मौसेरे भाई को बचाने उतरे दो सगे भाइयों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन दोनों भाइयों का शव बाहर निकालकर घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सगे भाइयों की मौत से कोतवाली क्षेत्र के कुशीताली गांव में मातम पसरा है।
बाबाजी का सगरा बंधुआ कला जिला सुल्तानपुर निवासी मो. शफीक का 17 वर्षीय पुत्र मो. हैदर अली पिछले कुछ दिनों से बीमार था। शनिवार को वह अमेठी कोतवाली क्षेत्र के गांव कुशीताली निवासी मो. यूसुफ (मौसा) के घर आया था। देर शाम हैदर की तबीयत खराब होने पर मौसेरे भाई मो. अब्बास अली (24) व मो. इस्लाम (17) (दोनों सगे भाई) उसे झाड़ फूंक कराने शहर के विद्युत उपकेंद्र के पास स्थित सैयद शहीद मर्द शाह बाबा की मजार पर लेकर आए थे।
रात करीब 9:30 बजे हैदर ने अचानक मजार के बगल स्थित तालाब में छलांग लगा दी। मौसेरे भाई को बचाने के लिए पहले मो. इस्लाम फिर अब्बास तालाब में कूद गए। तीनों युवकों को तालाब में डूबता देख मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों भाइयों को बाहर निकाला जा रहा था इस बीच हैदर स्वयं बाहर निकल आया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से अब्बास और इस्लाम को सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद परिवारीजनों के अलावा पूरे गांव में मातम पसरा है।
बमुश्किल पोस्टमॉर्टम को तैयार हुए परिजन
सगे भाइयों की मौत की सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने पुलिस को शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने को कहा। इसके बाद परिवारीजन रात में ही दोनों शव लेकर घर चले गए। रविवार सुबह तहसीलदार बृजमोहन पीड़ित यूसुफ के घर पहुंचे। काफी समझाने के बाद यूसुफ अपने पुत्रों के शव का पोस्टमॉर्टम कराने को राजी हुए। दरोगा जंगबहादुर ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
बुझ गया घर का चिराग
यूसुफ के तीन बच्चों में अब्बास सबसे बड़ा था। अब्बास के बाद रेशमा (19) व इस्लाम थे। अचानक हुई इस दुर्घटना में दोनों बेटों की मौत हो जाने से परिवार का चिराग बुझ गया। दोनों पुत्रों की मौत से यूसुफ व उनकी पत्नी शैरुल निशा के साथ बहन रेशमा बार-बार बेहोश हो जा रहे हैैं। यूसुफ के तीनों बच्चे अभी अविवाहित थे।
दोनों बेटे ही थे भविष्य की आस
मोहम्मद यूसुफ के दोनों बेटे अब्बास और इस्लाम होनहार थे। अब्बास बीएससी करने के बाद गौरीगंज के एक कॉलेज से बीएड कर रहा था जबकि इस्लाम भी हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था। यूसुफ को उम्मीद थी कि बच्चों को नौकरी मिल जाने के बाद उनका बुढ़ापा आसानी से कट जाएगा।
परिवार की माली हालत खराब
मो. यूसुफ घर में परचून व किराना की दुकान कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मात्र डेढ़ बिस्वा भूमि है। दोनों बेटे पढ़ाई के अलावा दुकान आदि में पिता का हाथ बंटाते थे। अब जब कुछ ही दिनों में अब्बास व इस्लाम परिवार का सहारा बनने लायक हो रहे थे कि इतनी बड़ी घटना हो गई।
मिलेगी आर्थिक सहायता
तहसीलदार बृजमोहन ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। और जो भी अनुमन्य सहायता होगी दी जाएगी।
संवेदना व्यक्त करने पहुंचे लोग
दो सगे भाइयों की मौत की सूचना मिलते ही रविवार सुबह परिवार को ढांढ़स बधाने वालों का तांता लगा रहा। कांग्रेस नेता डॉ. नरेंद्र मिश्र, पूर्व प्रमुख घनश्याम चौरसिया, अरुण प्रजापति, दीपक आर्य, त्रिभुवन नाथ व मनोज शुक्ल आदि ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
02 : अमेठी : मो. इस्लाम। (फाइल फोटो) -संवाद- फोटो : AMETHI
01 : अमेठी : मो. अब्बास। (फाइल फोटो) -संवाद- फोटो : AMETHI