04 : जगदीशपुर : डोमाडीह-पूरे नरसिंह गांव में मार्ग पर जमा बरसात के बाद जमा पानी से गुजरता ग्रामीण। -स?
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गौरीगंज (अमेठी)। भादों मास के उत्तरा नक्षत्र में बुधवार व बृहस्पतिवार को हुई मूसलाधार बारिश 36 घंटे बाद थम गई। बारिश थमने के बाद जहां आमजनों ने राहत की सांस ली वहीं अब संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। गांव-शहर हर जगह जलभराव की स्थिति तो सुधरी लेकिन रुके हुए पानी के बीच संक्रमण फैलने का अंदेशा बढ़ गया है।
जिले में बीते सप्ताह भर से बुखार ने अपना पांव पसार रखा है। बुखार से अब तक जिले में सात लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार व शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश से हर जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। शुक्रवार से बारिश थमने से जलभराव की समस्या से तो कुछ हद तक निजात मिल गई है।
बहाव बंद होने के बाद शनिवार को भी गांव व शहरी इलाकों में बारिश का पानी रुका हुआ है। गंदगी के बीच जगह जगह पानी रुकने से जमा पानी और नालियां बजबजा रही हैं। ऐसे में संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ गई है। लोग स्वयं ही अपने घरों के आसपास जमे पानी को निकालने में जुटे हैं।
दवाओं का छिड़काव तक नहीं
इस समय गांव से शहर तक हर जगह संक्रमण नाशक दवाओं के छिड़काव की जरूरत है। फैली गंदगी और जमा पानी के बावजूद दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। धूप निकलने के बाद गंदगी के बीच संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका है।
अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें सिर्फ वहीं पहुंच सकी थीं जहां किसी की बुखार से मौत हो गई थी। अब जब हर गांव में संक्रमण की स्थिति बनेगी तब स्वास्थ्य विभाग क्या करेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सक्रिय कर दी गईं स्वास्थ्य टीमें : सीएमओ
गौरीगंज। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी और जिला मलेरिया सर्विलांस अफसर को सक्रिय कर दिया गया है। जहां-जहां जलभराव कम हो रहा है वहां उनकी टीमें लारवी लाइडल दवा का छिड़काव करेंगे।
सभी आशा व एएनएम को क्षेत्र में भ्रमणकर बुखार पीड़ितों की सूचना देने को कहा गया है। जिस गांव व मोहल्ले में ज्यादा लोग पीड़ित मिलेंगे वहां टीम भेजी जाएगी। जहां एक या दो पीड़ित मिल रहे हैं उन्हें अस्पताल लाकर उपचार किया जा रहा है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।