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सैन्य सम्मान के साथ फौजी की अंत्येष्टि

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गौरीगंज (अमेठी)। फौजी आलोक का पार्थिव शरीर मंगलवार रात पैतृक गांव रमईपुर पहुंचा। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार सुबह अयोध्या से आए गोरखा रेजीमेंट के जवानों की ओर से दिए गए गार्ड ऑफ आनर के बाद फौजी का अंतिम संस्कार किया गया। फौजी को उसके पिता ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित रमईपुर गांव निवासी शंभूनाथ पांडेय के पुत्र आलोक कुमार पांडेय (30) सेना में थे। उनकी तैनाती मेडिकल कोर में नायक नर्सिंग असिस्टेंट के पद पर अहमदाबाद में थी। 12 जुलाई को 26 दिन के अवकाश पर वह घर आए थे। 28 जुलाई को आलोक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। आलोक का उपचार लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल में चल रहा था। घायल होने के बाद आलोक ने अपने रेजीमेंट को सूचना देते हुए अवकाश स्वीकृत कराया था।
उपचार के दौरान सोमवार रात आलोक की मौत हो गई। मौत के बाद मंगलवार देर रात सैनिक का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो रोते-रोते सूख चुके परिवार के सदस्यों के आंसू एक बार फिर बह निकले। इसकी सूचना सार्वजनिक हुई तो देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच गए। परिवार वालों के साथ दूरदराज से आए लोगों ने सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
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बुधवार सुबह अयोध्या से आए गोरखा रेजीमेंट के नायब सूबेदार सुखवेंद्र सिंह व हवलदार पुष्पेंद्र सिंह के साथ आए जवानों ने पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ आनर दिया। इसके बाद पिता ने सैनिक की चिता को मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखें नम हो गईं। आलोक की असामयिक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोग भी गमगीन हैं।
सैनिक आलोक कुमार पांडेय की असामयिक मौत से पिता शंभूनाथ पांडेय, माता ऊषा पांडेय, पत्नी स्वाति पांडेय, पुत्री सान्वी पांडेय व पुत्र सार्थक पांडेय का रो-रोकर हाल बेहाल है। आलोक की मौत की सूचना पर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। कोई भी आलोक की मौत की सूचना पर विश्वास नहीं कर पा रहा है। शव गांव पहुंचा तो हर कोई गमगीन हो गया। ग्रामीणों के अनुसार आलोक बहुत मिलनसार थे।
आलोक पांडेय के दो भाई सुधीर कुमार पांडेय व अवनेंद्र पांडेय भी सेना में तैनात हैं। भाई की दुर्घटना की सूचना पर दोनों भाई उपचार में सहयोग के लिए आए थे। भाई की मौत से दोनों सदमे में हैं।
आलोक पांडेय का शव गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार सुबह अंतिम यात्रा निकलने तक लोगों की भीड़ जमा रही। हर कोई उनके शव का अंतिम दर्शन करने की जद्दोजहद में लगा रहा। इस दौरान गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, भेटुआ ब्लॉक प्रमुख आकर्ष शुक्ल, डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, राघवेंद्र सिंह, कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र, फतेह बहादुर व पंकज शुक्ल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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