गौरीगंज (अमेठी)। कोविड-19 के चलते 121 दिनों से बंद चल रहे सभी बोर्ड के माध्यमिक स्कूल सोमवार से विद्यार्थियों के लिए खोल दिए गए। छात्र-छात्राओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें कक्षा में उचित दूरी पर बैठाया गया।
कॉलेज में प्रवेश के पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन भी किया। स्कूलों में पहले दिन नामांकित बच्चों के सापेक्ष अधिकांश बच्चे अनुपस्थित रहे। जेडी, डीआईओएस व एएओ भी पूरे दिन स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था की हकीकत देखने में जुटे रहे।
जिले में यूपी बोर्ड के 241 माध्यमिक स्कूल, संस्कृत बोर्ड के 10 स्कूल, सीबीएसई बोर्ड के 22 व आईसीएसई बोर्ड के एक स्कूल का संचालन होता है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में 19 अक्टूबर से 15 अप्रैल तक संचालित होने के बाद पंचायत चुनाव ड्यूटी व कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बचाव के लिए विद्यालयों को 16 अप्रैल से बंद करना पड़ा।
आलम यह रहा कि संक्रमण से बचाव के लिए बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर अर्धवार्षिक व प्री-बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर उत्तीर्ण कराना पड़ा था। जुलाई माह में परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद शैक्षिक सत्र 2021-22 में प्रवेश व शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद शासन ने सभी बोर्ड के माध्यमिक स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोलने का निर्देश दिया।
पहले चरण में सभी बोर्डों के कक्षा नौ से 12 तक की क्लास संचालित करने के 50 प्रतिशत बच्चों के बीच दो पालियों में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तो पूर्वान्ह 12:30 बजे से 4:30 बजे तक संचालित करने का निर्देश दिया गया है।
निर्देश के बाद सोमवार को जिले में संचालित सभी बोर्डों के स्कूल खुले। विद्यालयों में गेट पर ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज करने व उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी। थर्मल स्क्रीनिंग की जांच व सैनिटाइजेशन के बाद अंदर पहुंचे बच्चों को सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए एक दूसरे से काफी दूरी पर बैठाया गया।
हालांकि पहले दिन सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 25 प्रतिशत तक ही रही। व्यवस्थाओं की जांच के लिए संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा अयोध्या मंडल अयोध्या अरविंद कुमार पांडेय, डीआईओएस जय करन लाल वर्मा व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र ने कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। व्यवस्था की हकीकत जांचते हुए आवश्यक निर्देश दिए।