फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी की खबर पर सहसा नहीं हुआ विश्वास

विज्ञापन
06 : गौरीगंज : शिक्षाविद् पं. जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी मनीषी’। - फोटो : AMETHI
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। अपना भारत देश 15 अगस्त को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो जाएगा। जब यह बात लोगों को पता चली तो अंग्रेजों का सितम सहने के आदी हो चुके लोगों को एकबारगी अपने कानों पर भरोसा नहीं हुआ।
विज्ञापन

खबर की पुष्टि हुई तो लोग खुशी से सराबोर हो गए। आजादी से पहले ही गांवों की गलियां जोशीले नारों से गूंज उठीं। 15 अगस्त को अमेठी शहर में आयोजित दो कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था।
लंबे समय तक चली गुलामी व मानसिक यातना झेलने के बाद मिली देश की आजादी के समय पं. जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी ‘मनीषी’ महज 15 वर्ष के थे। अमेठी तहसील के गांव शुकुलपुर ठेंगहा निवासी मनीषी अमेठी शहर से सटे रामनगर में संचालित रणवीर इंटर कॉलेज में कक्षा नौ के छात्र थे।
विज्ञापन

मनीषी ने बताया कि देश 15 अगस्त को आजाद हो जाएगा यह खबर 14 अगस्त को ही लोगों तक पहुंच गई थी। यह खबर सुनकर लोग खुशी से उछल पड़े थे। अंग्रेजों का सितम सहने के आदी हो चुके लोगों को एकबारगी इस पर यकीन नहीं हुआ।
बावजूद इसके कस्बा अमेठी के साथ ही गांव की गलियों तक में रहने वालों का उत्साह देखते बना था। आजादी के एक दिन पहले से ही पूरा क्षेत्र गगनभेदी नारों से गूंजने लगा था। लोग एक दूसरे को गुड़ खिलाकर आजादी की खुशी साझा कर रहे थे।
15 अगस्त को जगह-जगह लोगों की टोलियां एक दूसरे को आजादी की बधाई देती मिलीं। अमेठी शहर के जूनियर हाईस्कूल परिसर में आजादी के लिए लंबा संघर्ष करने वाले बाबू बैजनाथ सिंह तो रणवीर इंटर कॉलेज में अमेठी नरेश राजर्षि रणंजय सिंह के नेतृत्व में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुए। इन कार्यक्रमों में जंग-ए-आजादी का हिस्सा रहे लोगों को सम्मानित किया गया तो बड़ी संख्या में दूर दराज से पैदल चलकर आए लोग इसके साक्षी बने थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें