गौरीगंज (अमेठी)। एक ओर जहां कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है, वहीं जिले में आरटीपीसीआर लैब में जांच एक महीने से भी अधिक समय से बंद हो गई है। जांच के दौरान लैब में प्रयुक्त होने वाली सभी 79 प्रकार की सामग्री पिछले दो दिसंबर से समाप्त हो चुकी हैं। विभाग की ओर से नवंबर माह में ही डीएचएस की बैठक में स्वीकृति लेकर सामानों की खरीद के लिए मांग पत्र शासन को भेजा जा चुका है।
कोरोना संक्रमण के दौरान सैंपलों की जांच में हो रही देरी को देखते हुए जिला अस्पताल भवन में आरटीपीसीआर लैब का संचालन तीन जुलाई 2021 को शुरू किया गया था। जिले में ही जांच की सुविधा होने से जहां प्रतिदिन एकत्र सैंपलों को लखनऊ तक ले जाने की झंझट से निजात मिली थी, वहीं जांच रिपोर्ट भी कम समय में मिल रही थी। पहली बार लैब संचालन के लिए दस लाख का बजट मिला था।
इसके बाद दोबारा बजट नहीं मिलने से जांच में लगने वाली सामग्री लगभग समाप्त हो गई। सामग्री समाप्त होने से पिछले दो दिसंबर से जिले में लिए जा रहे सैंपल को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाने लगा। सामग्री समाप्त होने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा स्वीकृत बजट का प्रस्ताव मांगा गया। एनएचएम की मांग पर विभाग की ओर से लैब संचालन के लिए सामग्री की खरीद करने का बजट नवंबर की डीएचएस की बैठक में स्वीकृत कराकर शासन को भेज दिया गया।
इस बीच लैब में सामग्री समाप्त होने पर हर रोज लिए जा रहे सैंपलों को जांच के लिए लखनऊ भेजना शुरू कर दिया गया। जिले की लैब पर सिर्फ इमरजेंसी जांच की व्यवस्था है। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल के मुताबिक लैब के लिए आवंटित बजट समाप्त हो गया है। बजट नहीं होने से जांच में लगने वाले सामानों की खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्थानीय लैब में जांच बंद हो गई है। नवंबर माह में ही बजट का मांग पत्र शासन को भेजा जा चुका है। बजट आते ही सामानों की खरीद कर जांच का कार्य दोबारा शुरू करा दिया जाएगा।
आरटीपीसीआर लैब में सैंपलों की जांच के दौरान ईथनॉल, 1.5 तथा 0.5 एमएल की माइक्रोसेंटीफ्यूज, फ्यिूग टयूब, स्ट्राइल आरएनएएस फ्री फिल्टर टिप्स हाईग्लिरिक, हाइग्लिरिक जे-4 स्ट्राइल आरएनएस फ्री फिल्टर टिप्स, मल्टी चैनल पिपेटर, सिंगल चैनल पाइप्टर, पिचजार्ड बैग, हाइपोक्लोराइड, डिफॉगर, सिल्वर नाइट्रेट सॉल्यूशन फोर्जिंग, 1.8 एमएल की क्रायो शीशी समेत कुल 79 प्रकार की सामग्री प्रयुक्त होती है।
जिले में तीन जुलाई से आरटीपीसीआर केंद्र का संचालन शुरू हुआ। संचालन शुरू होने के बाद से अब तक कुल 35,361 सैंपल केंद्र पर जांच के लिए आए। सीएमएस ने बताया कि दो दिसंबर के बाद से आने वाले सैंपलों को जांच के लिए बाहर भेजा जा रहा है।