बाजार शुकुल (अमेठी)। पूर्वांचल एक्सप्रेस की सर्विस रोड पर सो रहे तीन मछुआरे बृहस्पतिवार भोर में ग्रेडर मशीन के नीचे आ गए। हादसे में दो मछुआरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के बाद ग्रेडर मशीन की तलाश में जुटी है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के पूरे पासिन मजरे हुसेनपुर गांव निवासी सगे भाई प्रदीप व कुलदीप (16) तथा संजीत (12) व संगम के अलावा धीरज व रामचंद्र (35) बुधवार रात गांव के पास से होकर बहने वाले एक नाले में मछली पकड़ने गए थे।
नाले में जाल व अन्य व्यवस्था करने के बाद रामचंद्र, कुलदीप व संजीत पूर्वांचल एक्सप्रेस की एक सर्विस लेन व प्रदीप, धीरज और संगम दूसरी सर्विस रोड पर पुआल डालकर सो गए। बृहस्पतिवार भोर करीब साढ़े तीन बजे एक तेज रफ्तार ग्रेडर मशीन ने रामचंद्र, कुलदीप व संजीत को रौंद दिया। हादसे में रामचंद्र व कुलदीप की मौकेे पर ही मौत हो गई जबकि संजीत (12) गंभीर रूप से घायल हो गया।
संजीत की चीख पुकार पर जब तक दूसरी सर्विस रोड पर सो रहे प्रदीप व अन्य मौके पर पहुंचते ग्रेडर मशीन का चालक वाहन समेत फरार हो चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल संजीत को इलाज के लिए जगदीशपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल भेजा जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। दोनों मृतकों के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। हादसे में दोनों मृतक व घायल अविवाहित थे।
मछली बेचकर चलाते थे परिवार
कुलदीप के बड़े भाई व दूसरी सर्विस लेन पर सो रहे प्रदीप ने बताया कि हम लोगों की अर्थिक स्थिति बेहद खराब है। हम लोग नाले से मछली पकड़कर गांव-गांव बेचकर परिवार चलाते थे। पिछले दो माह से यह प्रतिदिन का कार्य हो गया था। बुधवार रात भी हम रोज की तरह नालेे में मछली पकड़ने गए थे कि बृहस्पतिवार सुबह यह हादसा हो गया।
कई थानों की फोर्स मौके पहुंची
घटना की सूचना पाते ही सीओ मुसाफिरखाना मनोज कुमार यादव, एसओ बाजार शुकुल निर्माल सिंह, एसएचओ जगदीशपुर अरुण कुमार द्विवेदी, एसओ कमरौली शिवाकांत पांडेय व एसओ शिवरतनगंज विवेक सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे अफसरों ने हादसे की वजह से लोगों में बढ़ रहे आक्रोश को शंात कराते हुए दोनों शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवाया। सीओ ने कहा कि जल्द ही ग्रेडर मशीन को बरामद कर उसके चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।
गांव में पसरा सन्नाटा
दो लोगों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। गरीबी के कारण रोजमर्रा की जिंदगी चलाने के लिए मछली पकड़ कर बेचने वालों को क्या पता था कि बुधवार की रात उनके लिए अंतिम रात साबित होगी। बृहस्पतिवार की सुबह काल बनकर आई ग्रेडर मशीन ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। हादसे के बाद बृहस्पतिवार सुबह कई घरों में चूल्हा नहीं जला।
छिन गया बुजुर्ग मां का सहारा
हादसे में मारे गए कुलदीप के परिवार में बड़े भाई प्रदीप व बहन सोना के अलावा पिता धनीराम व मां गीता देवी हैं। वहीं रामचंद्र की मौत के बाद उसकी बुजुर्ग मां के पास कोई सहारा नहीं बचा। रामचंद्र के पिता की तीन वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उसका एक भाई हरिश्चंद्र दो वर्ष से लापता है। मछली पकड़ कर बेचने पर मिलने वाले रुपयों से वह अपना व मां का खर्च उठाता था। रामचंद्र की असमय मौत से उसकी मां के जीने का सहारा छिन गया है।
गांव में पुलिस बल तैनात
हादसे को लेकर उपजा अक्रोश तात्कालिक तौर पर भले ही शांत हो गया हो बावजूद इसके सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में फोर्स गांव में डटी है। थानाध्यक्ष निर्मल सिंह ने बताया कि उनके थाने के अलावा जगदीशपुर, कमरौली व शिवरतनगंज थाने की पुलिस भी गांव में लगाई गई है।
02 : बाजार शुकुल : रामचंद्र। (फाइल फोटो) -संवाद- फोटो : AMETHI
01 : बाजार शुकुल : कुलदीप। (फाइल फोटो) -संवाद- फोटो : AMETHI