मुसाफिरखाना : नारा गांव स्थित आरोपी प्रभारी निरीक्षक के मकान में बंद ताला। -संवाद
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में पुलिस पिटाई से हुई मौत मामले के मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में जिले की पुलिस लगातार छापा मार रही है। शनिवार रात भी गांव पहुंची पुलिस को इंस्पेक्टर के घर में ताला बंद मिला। पुलिस एक लाख रुपये के ईनामी इंस्पेक्टर की तलाश में उसके रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दे रही है।
कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पिछले 27 सितंबर को गोरखपुर में पुलिस पिटाई से मौत हो गई थी। मौत का यह मामला सुर्खियों में आने के बाद शासन के निर्देश पर जिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ उनमें थाना रामगढ ताल के प्रभारी निरीक्षक जेएन सिंह भी शामिल था। इंस्पेक्टर जेएन सिंह कोतवाली क्षेत्र के नारा गांव का रहने वाला है। घटना के बाद पिछले शनिवार की रात गोरखपुर पुलिस की टीम ने नारा गांव पहुंच कर इंस्पेक्टर के घर छापा मारा था। इस दौरान पुलिस को इंस्पेक्टर के घर ताला बंद मिला था। नारा गांव के ग्रामीणों के अनुसार शनिवार के बाद से इंस्पेक्टर के घर लगातार पुलिस दबिश दे रही है।
बताते हैं कि दो दिन पूर्व गोरखपुर के एसपी भी पुलिस टीम के साथ नारा गांव पहुंचे थे। एक लाख रुपये के इनामी इंस्पेक्टर की तलाश में क्राइम ब्रांच, एसआईटी तथा एसओजी टीम गांव में लगातार छापा मार रही है। एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में उसके घर के अलावा रिश्तेदारियों में भी दबिश दे रही है।