अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के दुबेपुर गांव की एक महिला व उसके दो वर्षीय बेटे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। महिला व मासूम का क्षत-विक्षत शव शनिवार को पूरे प्रेम गांव के समीप रेलवे क्रॉसिंग पर मिला। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस शिनाख्त कराने के बाद मामले की छानबीन में जुटी है।
गांव निवासी कर्मराज चौहान के परिवार में पत्नी निशा (28) के अलावा दो वर्षीय बेटा अयांश था। अयांश अक्सर बीमार रहता था। पिता कर्मराज दो दिन से अयांश का इलाज शहर स्थित एक निजी क्लीनिक में करा रहा था। तबीयत ठीक नहीं होने पर शुक्रवार सुबह कर्मराज अपनी पत्नी निशा और बेटे आयांश को लेकर दवा कराने मुसाफिरखाना के लिए निकला।
रास्ते में कर्मराज ने पत्नी व बेटे को हरदोईया गांव में निशा की बहन आशा के घर छोड़ दिया और अपनी दुकान लगाने चला गया। पति के जाने के बाद निशा उसी दिन बहन के घर से बच्चे की दवा कराने की बात कहकर निकल गई।
शाम तक निशा वापस नहीं लौटी तो उसकी बहन आशा ने कर्मराज को फोन किया। कर्मराज ने अपने बड़े भाई धर्मराज को फोन कर रात साढ़े दस बजे मामले की जानकारी देते हुए खोजबीन शुरू की। काफी खोजबीन के बाद निशा और अयांश का पता नहीं चल सका।
शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे रेलवे पुलिस को लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर स्थित पूरे प्रेम गांव रेलवे क्रॉसिंग के समीप अज्ञात ट्रेन से एक महिला और बच्चे के कटने की सूचना मिली। सूचना पर आरपीएफ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
कोतवाली पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई तो धर्मराज ने शवों की पहचान अपने भाई की पत्नी निशा और भतीजे अयांश के रूप में की। दरोगा जंग बहादुर यादव ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है। अभी तक परिवारीजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
निशा का पति कर्मराज मुसाफिरखाना में संचालित एक शराब के ठेके के समीप ठेला लगाकर परिवार का भरण पोषण करता था। ग्रामीणों के अनुसार कर्मराज की आय कम होने व खर्चे अधिक होने से पूरा परिवार परेशान रहता था।