गौरीगंज (अमेठी)। प्रदेश के 13 प्रतिशत ब्राम्हण व 23 प्रतिशत दलित एक हो जाएं तो वर्ष 2022 में प्रदेश में बसपा की सरकार होगी। हमारे समाज का हित बसपा में ही सुरक्षित है। यह बातें बृहस्पतिवार को शहर में आयोजित प्रबुद्ध समाज सम्मेलन में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री सतीश चंद्र मिश्र ने कही।
शहर के रणंजय इंटर कॉलेज के पास स्थित एक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बसपा नेता ने भाजपा और सपा को आड़े हाथों लिया। कहा कि भाजपा की साढ़े चार वर्ष की सरकार में ब्राम्हणों पर अनगिनत अत्याचार हुए हैं।
बिकरू कांड के बहाने ब्राम्हणों को ढूंढ-ढूंढ कर मारा गया। मात्र 16 साल की निर्दोष किशोरी खुशी दुबे को जेल में डाल दिया गया। कई की गाड़ियां पलटा दी गईं तो कई को उनके घर से जबरन उठाकर मार दिया गया। युवाओं को नौकरी नहीं मिली।
महिलाओं के साथ दुष्कर्म होते रहे। राम मंदिर के नाम पर एकत्र चंदे तक में बंदरबांट हुई। पूर्व में स्थापित कंपनियों को बेचा जा रहा। किसानों पर जबरन कृषि कानून थोपा जा रहा। युवाओं को पकौड़े तलकर रोजगार हासिल करने को कहा जा रहा।
सपा को भी आड़े हाथों लेते हुए मिश्र ने कहा कि उस सरकार में तो सीधे मुख्यमंत्री ही अफसरों को ब्राम्हणों का कोई काम न करने को कहता है। सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि ब्राम्हणों को जो सम्मान कु. मायावती ने दिया वह इतिहास में कभी हासिल नहीं हुआ।
सम्मेलन को पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पूर्व विधायक पवन पांडेय, शशिकांत तिवारी, राम लखन शुक्ल, अखिलेश शुक्ल व डॉ. डीपी सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एमएलसी दिनेश चंद्रा, बसपा जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार, रागिनी तिवारी, किरन सिंह, नम्रता जायसवाल, डॉ. डीएस मिश्र समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।