गौरीगंज (अमेठी)। फाइलेरिया से बचाव के लिए चल रहे अभियान की हकीकत जांचने बुधवार को भारत सरकार की टीम जिले में पहुंची। टीम के सदस्यों ने कई गांवों का दौरा कर घर-घर जाकर दवा खिलाए जाने की जानकारी ली। टीम जिस गांव में भी गई या तो स्वास्थ्य कर्मी दवा खिलाकर आगे बढ़ चुके थे या फिर घरों पर दवा का वितरण करते मिले।
शासन के निर्देश पर 22 नवंबर से सात दिसंबर तक संचालित एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम जिले में चल रहा है। बुधवार को अभियान की हकीकत जांचने के लिए भारत सरकार से डॉ. अतुल मित्तल (पीएसक्यू) व डॉ. सागर (डब्ल्यूएचओ) जिले के जगदीशपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत हारीमऊ, मरोचा व जगधरपुर एवं विकास खंड जामो के गांव लालूपुर ढबिया पहुंचे।
अभियान में लगे स्वास्थ्य कर्मियों ने टीम के समाने लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई। इस दौरान लोगों को फाइलेरिया रोग से होने वाली परेशानी से अवगत कराया गया। टीम संख्या 47 हरीमऊ, टीम संख्या 127 मरोचा तथा टीम संख्या 45 जगदरपुर की मौजूदगी में पंद्रह घरों में लोगों से जानकारी प्राप्त की गई। गोगमऊ स्थित एचपी मेमोरियल के शिक्षक रंजीत कुमार पांडेय ने बताया कि फाइलेरिया टीम द्वारा उन्हें दवा खिलाई गई है।
टीम के सदस्यों ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को फाइलेरिया की दवा अपनी मौजूदगी में खिलाने का निर्देश दिया। कहा कि किसी भी व्यक्ति को दवा घर ले जाकर अन्य सदस्यों को खिलाने के लिए न दें। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि जिले में 18 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य है जिसकी तुलना में अब तक तीन लाख 20 हजार 480 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि जिले में पिछले वर्ष फाइलेरिया के 2,821 रोगी मिले थे। इस अभियान में 15 दिनों तक जनपद के प्रत्येक घर में दो सदस्यीय टीम द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। इसके लिए 292 सुपरवाइजर को लगाया गया है जो इन टीमों की निगरानी कर रहे हैं।