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तीन दशक से किराए के भवन में राजकीय आईटीआई

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जायस (अमेठी)। जायस में राजकीय आईटीआई पिछले तीन दशक से किराए के भवन में संचालित हो रहा है। स्थिति यह है कि किराए का भवन भी अब जर्जर हो गया हैै। भवन जर्जर होने के साथ ही आईटीआई में स्टॉफ व सुविधाओं का टोटा है। आईटीआई संस्थान जायस में पांच साल से प्रधानाध्यापक का पद खाली पड़ा है। अभी तक कोई नियुक्ति नहीं की गई है। संस्थान में कुल सृजित पद 19 हैं, इसमें से नौ पद रिक्त हैं।
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जिले के सबसे पुराने नगर पालिका परिषद में तीन दशक पूर्व राजकीय आईटीआई के संचालन को स्वीकृति मिली थी। स्वीकृति के बाद तत्काल इसका संचालन शुरू हो सके इसके लिए विभाग ने हरकरनपुर निवासी हाजी मकबूल का मकान किराए पर लिया। एक बार जब आईटीआई का संचालन किराए के भवन में शुरू हुआ तो फिर यही इसकी नियति बन गई। आज तक उसे अपना भवन नहीं मिल सका है। विभाग के अलावा नगर वासियों ने भी कई बार बड़े नेताओं से आईटीआई के लिए स्थाई भवन की मांग की, लेकिन बदले में उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
यहां पर कुल प्रशिक्षुओं की संख्या 67 है। इन्हें पांच कमरों में प्रशिक्षण दिया जाता है। लेकिन इन प्रशिक्षुओं को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। आईटीआई जायस में एक कार्यदेशक, तीन शिक्षक, एक वरिष्ठ सहायक, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश कर्मचारियों को जिला सेवा योजना कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। इसके कारण विभागीय कामकाज में बाधा उत्पन्न होती रहती है।
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यहां पर असुविधा का आलम यह है कि प्रशिक्षुओं को अंधेरे कमरे में बेसिक परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। जिस भवन में आईटीआई का संचालन हो रहा है, उसकी हालत भी जर्जर हो चली है। बावजूद इसके प्रशिक्षुओं को इसी भवन मेें बैठाकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। आईटीआई के कार्यदेशक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि आईटीआई जायस को जल्दी ही नया भवन मिल जाएगा। भूमि चिह्न्ति कर भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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