गौरीगंज (अमेठी)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 दिन तक चले अभियान में 94.51 फीसदी लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। अभियान से छूटे लोगों को दवा खिलाने के लिए तीन दिन का मॉपअप राउंड चलाया जा रहा है। गठित टीमें ऐसे लोगों को चिन्ह्ति कर दोबारा उनके घर जाकर दवा खिलाने का काम कर रही है।
फाइलेरिया जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए शासन प्रति वर्ष दो वर्ष आयु वर्ग से ऊपर वालों को निशुल्क दवा खिलाने का काम कर रहा है। इस बार जिले में दवा खिलाने के लिए 22 नवबंर से सात दिसंबर तक अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान जिले की कुल जनसंख्या 21 लाख 71 हजार 355 लोगों के सापेक्ष 18 लाख 45 हजार 651 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य था।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की कुल 1726 टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने का काम कर रही थीं। मंगलवार को अभियान समाप्त होने के बाद जिले में लच्छित 18 लाख 45 हजार 651 के सापेक्ष टीमों द्वारा 17 लाख 44 हजार 374 लोगों को दवा खिलाई गई। जिले में 94.51 फीसदी लोगों को दवा खिला दी गई। अभियान में छूटे लोगों को दवा खिलाने के लिए 10 दिसंबर तक मॉपअप राउंड चलाया जा रहा है।
इस दौरान जिले के कुल 213 उपकेंद्र क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिन्ह्ति कर टीमें दोबारा उनके घर जाकर दवा खिलाने का काम कर रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुउल्लाह ने बताया कि मलेरिया की दवा स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने खिलाते हैं। घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कर्मी यह दवा परिवार के उन्हीं सदस्यों को देते हैं, जो मौजूद रहते हैं। बाहर निकले सदस्यों के लिए दवा नहीं दी जाती है। कहा कि अब मॉपअप राउंड में शेष बचे लोगों को दवा खिलाने का काम किया जा रहा है।