फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीद की नई व्यवस्था से किसान परेशान

विज्ञापन
11 : अमेठी : विपणन शाखा क्रय केंद्र पर चल रही धान खरीद। -संवाद - फोटो : AMETHI
विज्ञापन
अमेठी। क्षेत्र में स्थापित सरकारी धान खरीद केंद्रों पर बिचौलियों पर अंकुश लगाने को लेकर सरकार की ओर से पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। अब ऑनलाइन टोकन सिस्टम के माध्यम से ही किसानों के धान की खरीद हो सकेगी। लेकिन धान बिक्री के लिए क्रय केंद्रों पर कतार में खड़े किसानों को ऑफलाइन सिस्टम बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

सरकार के निर्देश पर किसानों की उपज की बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन सिस्टम शुक्रवार से शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने यह कदम धान बिक्री मेें बिचौलियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए उठाया है। इससे अब न तो क्रय केंद्रों पर किसानों की भीड़ लगेगी और न ही जुगाड़ लगाकर नंबर मिल सकेगा। टोकन मिलने का ऑफलाइन सिस्टम अचानक बंद होने के बाद जानकारी के अभाव में केंद्रों पर पहुंचे किसानों को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है।
धान क्रय केंद्र पर मिले किसानों ने इस नए सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से अब उन्हेें धान बेचने के लिए संबंधित केंद्र पर कई-कई दिनों तक लंबी लाइन लगाने से राहत मिलेगी। धान खरीद को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद किसानों को धान बिक्री के लिए क्रय केंद्रों पर कई दिनों तक लंबी लाइन में लगना पड़ता था। इस दौरान बिचौलियों का भी सहयोग लेना पड़ता था। अब इस व्यवस्था से किसानों को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन

48 फीसदी धान की हुई खरीद
जिले में धान खरीद के लिए छह एजेंसियों के स्वीकृत 70 क्रय केंद्रों के सापेक्ष 69 क्रय केंद्र संचालित हैं। जिले को 1,25,900 एमटी धान की खरीद का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 9,144 किसानों से 68486.10 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। मिले लक्ष्य की तुलना में 48.36 फीसदी धान की खरीद हुई है।
टोकन के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन
खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार दुबे ने बताया कि नए सिस्टम के अनुसार किसानों को धान बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर टोकन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद बिक्री तिथि के अनुसार संबंधित केंद्र पर टोकन जनरेट होगा।
निर्धारित तिथि पर किसान को क्रय केंद्र पर पहुंचकर ई-पॉस मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि किसान निर्धारित तिथि के दिन समय पर क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचेगा तो उसका टोकन शाम पांच बजे स्वत: निरस्त हो जाएगा। उसके बाद किसान को नया आवेदन कर टोकन जनरेट कराना होगा।
जानकारी न होने से दिक्कत
किसान सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने ऑफलाइन टोकन कटवाया था। लंबी लाइन होने के कारण तौल नहीं हो पाई। अब ऑनलाइन टोकन कटवाने के लिए बताया गया है। किसान संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि ऑफलाइन टोकन मिला था। लेकिन नई व्यवस्था के चलते अब इंतजार करना होगा। घनश्याम तिवारी ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था अच्छी तो है लेकिन बीच में लागू करने से जानकारी के अभाव में किसानों को परेशानी हो रही है। देव नारायण पांडेय कहते हैं कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था शुरू होने से अब किसानों को बिचौलिए परेशान नहीं कर सकेंगे। वह निर्धारित तिथि पर अपने धान की बिक्री कर सकेंगे। लेकिन नई व्यवस्था की जानकारी सभी किसानों को होना जरूरी है।
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से बढ़ गई परेशानी
जायस (अमेठी)। धान क्रय केंद्रों पर विगत दो दिन पहले से शुरू हुई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पहले से ऑफलाइन व्यवस्था द्वारा खरीद केंद्रों से लिए गए टोकन अब मान्य नहीं हैं। मंडी समिति जायस में किसानों की सुविधा के लिए चार खरीद केंद्रों की व्यवस्था की गई है। केंद्रों पर पहले से ऑफलाइन टोकन लेकर बड़ी संख्या में किसानों की ट्रॉलियां केंद्रों पर खड़ी हैं। किसान महेश कुमार, मो. नवी, मो. अहमद व रामसेवक पासी ने बताया कि हम लोग ऑफलाइन मिले टोकन के अनुसार अपना धान लेकर केंद्र पर पहुंचे तो पता चला कि अब ऑनलाइन टोकन लेना होगा।
कहा कि ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था यह है कि रात 12 बजे के बाद केवल पांच मिनट में ही उस दिन की खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाता है। हम लोग स्मार्ट फोन चलना भी नहीं जानते हैं। ऐसे में ऑनलाइन टोकन लेना उनके लिए टेढ़ी खीर है। कहते हैं कि इस समय सिर्फ संसाधन युक्त बिचौलियों का ही धान केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। विपणन केंद्र प्रभारी सत्यप्रकाश राय ने बताया कि पहले मिले निर्देशों के अनुसार किसानों को लगभग फरवरी तक का टोकन बांटा जा चुका था। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें