गौरीगंज (अमेठी)। दो सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर अनशन कर रहे विधायक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद सरकार उनका धरना समाप्त नहीं करवा पा रही है। विधायक की अनुपस्थिति में जिले के वार्ड संख्या-1 से जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र धोबी उनके अनशन को आगे बढ़ा रहे हैं। धर्मेंद्र के अनशन का रविवार को चौथा दिन था।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों (कादूनाला-थौरी व मुसाफिरखाना-पारा संपर्क मार्ग) का पुनर्निर्माण नहीं होने से नाराज हैं। लगातार दो साल तक शिकायत व कई बार जांच कराने के बाद सड़कों का निर्माण नहीं होने के बाद विधायक ने 31 अक्तूबर को पूर्वाह्न 11 बजे विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर लखनऊ स्थित जीपीओ पर अपने खास समर्थकों के साथ बेमियादी धरना शुरू किया था।
धरने के तीन दिन बाद भी सरकार ने उनसे इस मुद्दे पर बात नहीं की तो विधायक ने चार अक्तूबर से आमरण अनशन शुरू कर दिया। विधायक के समर्थन में वार्ड संख्या एक से जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र धोबी उर्फ धर्मेश ने भी उनके साथ ही अन्न-जल त्याग दिया। दो सड़कों के पुर्ननिर्माण की मांग को लेकर विधायक व उनके समर्थकों के अनशन को जबरन तोड़ने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन ने विधायक को पांच अक्तूबर की रात जबरन धरना स्थल से उठाकर सिविल अस्पताल पहुंचा दिया।
अस्पताल में विधायक के दोनों हाथ बांधकर उन्हें ड्रिप भी चढ़ा दी गई। उधर, विधायक को जबरन अस्पताल पहुंचाने के बावजूद उनके समर्थक व वार्ड संख्या एक से डीडीसी धर्मेंद्र ने अनशन जारी रखा। रविवार को अनशन का चौथा दिन था। अनशन के चौथे दिन जीपीओ पहुंची स्वास्थ्य टीम ने धर्मेंद्र के स्वास्थ्य की जांच की। धर्मेंद्र ने कहा कि जब तक विधायक की मांगें पूरी नहीं होतीं वे अनशन तोड़ने वाले नहीं। भले ही इस दौरान उनके प्राण क्यों न निकल जाएं।
अनशन पर थे राममूर्ति परिहार
गौरीगंज ब्लॉक की बाहापुर ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान राममूर्ति सिंह परिहार ने उनके साथ पहले दिन से धरना व अनशन कर रहे थे। अनशन के तीसरे दिन शनिवार शाम तबीयत ज्यादा खराब होने व विधायक के छोटे भाई उमेश प्रताप सिंह के अनुरोध पर उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया।
धरने का नेतृत्व कर रहे उमेश
अनशन पर बैठे लोगों का मनोबल बना रहे इसके लिए गौरीगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व विधायक के छोटे भाई उमेश प्रताप सिंह भी लगातार अनशन स्थल पर मौजूद हैं। विधायक की अनुपस्थिति में उमेश न सिर्फ धरने का नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि हर परिस्थिति में लोगों को एकजुट बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायक ने अस्पताल में लगाया बैनर
विधायक राकेश प्रताप सिंह शासन प्रशासन द्वारा अपने साथ की गई जबरदस्ती से खासे नाराज व दुखी हैं। विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अस्पताल के उस कक्ष में ही आमरण अनशन का बैनर व महात्मा गांधी की फोटो लगा दी है जहां वे भर्ती किए गए हैं। विधायक ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें जबरन ड्रिप चढ़ाई है। इससे उनका अनशन नहीं टूटा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वे जहां भी रहेंगे अनशन करते रहेंगे।
16 : गौरीगंज : लखनऊ स्थित जीपीओ पर अनशन करते विधायक समर्थक जिला पंचायत सदस्य की जांच करते चिकित्सक। - फोटो : AMETHI