अमेठी। गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंशों का संरक्षण होने के चलते उन्हें कड़ी धूप में रहकर हांफने को मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार को अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। जिले में अब तक स्थापित कुल 107 गो आश्रय स्थलों में 14 हजार से अधिक गोवंशों को संरक्षित कराया गया है। कहीं-कहीं गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। ब्लॉक संग्रामपुर की ग्राम पंचायत इटौरी स्थित गोशाला में बुधवार को कई गोवंश धूप में बंधे व बैठे दिखाई पड़े। कड़ी धूप होने के चलते हांफ रहे थे। बीडीओ सुनील कुमार तिवारी, एडीओ पंचायत हरिशंकर सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय ने गोशाला का निरीक्षण किया।
बीडीओ ने बताया कि गोशाला में 78 गोवंश संरक्षित हैं। एक शेड बना हुआ है। परिसर में मात्र एक पेड़ है। संरक्षित गोवंशों की संख्या अधिक है। हालांकि उन्होंने निरीक्षण के दौरान गोवंश के धूप में नहीं होने की बात कही। दूसरा शेड तैयार किया जा रहा है। बुधवार को हुए निरीक्षण के दौरान नोडल अफसरों ने 19 बिंदुओं का बारीकी से जायजा लिया।
सिंहपुर के जैतपुर स्थित गो आश्रय केंद्र का बुधवार को नोडल अधिकारी राधेश्याम व एसडीएम तिलोई फाल्गुनी सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण कर मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए। दोनों अफसरों ने फूला व तेंदुआ के गोआश्रय केंद्रों की भी हकीकत देखी और जिम्मेदारों को सुधार के कड़े निर्देश दिए।