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बुखार से दो दिन में भाई-बहन की मौत

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03 : अमेठी : परसावां गांव में बुखार से भाई-बहन की मौत के बाद रोते-बिलखते परिवारीजन। -संवाद - फोटो : AMETHI
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अमेठी। स्थानीय ब्लॉक के परसावां गांव में दो दिन के भीतर बुखार से पीड़ित सगे भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं एक भाई अब भी बुखार से ग्रसित चल रहा है।
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घटना के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है तो ग्रामीण दहशत मेें हैं। सूचना पर सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव पहुंच जांच करने में जुटी हैं। परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
स्थानीय ब्लॉक के परसावां गांव निवासी राम लाल कश्यप की बड़ी बेटी कविता (20) को बीते छह सितंबर को बुखार आया। परिजन कविता को इलाज के सुल्तानपुर स्थित निजी चिकित्सालय ले गए जहां आराम नहीं मिलने पर उसे जिला अस्पताल ले गए।
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आरोप है कि सुल्तानपुर जिला अस्पताल में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संवेदनहीनता दिखाते हुए बिना इलाज किए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में बेड नहीं होने की बात कहते हुए भर्ती करने के बजाय बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया।
वहां भी व्यवस्था नहीं होने पर परिजन एक निजी चिकित्सालय ले गए जहां कविता की आठ सितंबर की देर शाम मौत हो गई। परिवारीजनों ने गांव पहुंचकर शव का दाह संस्कार कर किया। दाह संस्कार कर परिवारीजन वापस घर आए तो रामलाल के छोटे बेटे कविता के सगे भाई हर्षित की भी बुखार से तबियत खराब हो गई।
परिवारीजन हर्षित को भी लेकर सुल्तानपुर गए जहां आराम मिलने के बाद घर लेकर चले आए। नौ सितंबर को हर्षित की तबियत ज्यादा खराब हुई तो परिजन उसे अमेठी सीएचसी ले गए। जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर ड्रिप चढ़ाकर इलाज किया।
आराम मिलने के बाद हर्षित को लेकर घर चले गए। रात मेें ही हर्षित की तबियत दोबारा खराब हुई तो परिजन उसे सीएचसी अमेठी के बजाय मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख रेफर कर दिया।
परिजन हर्षित को लेकर इलाहाबाद जा रहे थे कि रास्ते में हर्षित की भी मौत हो गई। हर्षित का शव घर पहुंचा तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। वहीं राम लाल का दूसरा बेटा हनुमान भी बुखार से पीड़ित चल रहा है। गांव में बुखार से सगे भाई-बहन की मौत व एक भाई के बीमार होने से दहशत फैल गई। दो दिन में दो मौत होने से गांव में भय का माहौल है।
गांव पहुंची स्वास्थ्य टीमें
बुखार से एक ही घर में दो बच्चों के मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह समेत स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। टीम में मौजूद डॉ. बिक्रेश, एलटी आरडी वर्मा, मनोज पटेल द्वारा ग्रामीणों व परिजनों की डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड व वायरल की जांच कर रहे हैं। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। बुखार से पीड़ित मरीजों को दवा व किट बांटी जा रही है।
एसडीएम से की शिकायत
एक ही घर में बुखार से दो मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव पहुंचे अधिकारियों व स्वास्थ्य टीम पर ग्रामीणों ने जमकर भड़ास निकाली। एसडीएम महात्मा सिंह के पहुंचने के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने सुल्तानपुर और लखनऊ में हुई संवेदनहीनता की शिकायत की। काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और जांच समेत अन्य उपचार कराने के लिए राजी हुए।
नहीं कराया पोस्टमॉर्टम
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि परिवारीजन पोस्टमॉर्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। कहा कि जब तक पीएम नहीं होता मौत का सही कारण नहीं बताया जा सकता। ऐहतियातन पूरे गांव के लोगों की जांच की जा रही है। बुखार पीड़ित सभी लोगों को उनके घर पर ही दवा मुहैया कराई जा रही है।
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जिले में है उपचार की पूरी व्यवस्था
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि जिले में वायरल बुखार पीड़ितों के इलाज की पूरी व्यवस्था है। रामलाल अपनी पुत्री को जिले के बजाए गैर जनपद ले गए जबकि पुत्र हर्षित को सीएचसी अमेठी ले गए लेकिन आराम होने पर बिना बताए घर लेकर चले गए। दोबारा तबीयत खराब होने पर वह प्रतापगढ़ ले जा रहे थे जहां रास्ते में ही मौत हो गई।
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