गौरीगंज (अमेठी)। जर्जर हो चुके तीन ब्लॉक कार्यालयों के भवन नए बनाए जाएंगे। शासन से प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। कार्यदायी संस्था की ओर से मृदा परीक्षण कराकर ले-आउट प्लान स्वीकृति के लिए डीडीओ के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
जिले के भादर, मुसाफिरखाना व सिंहपुर में अरसा पूर्व बने ब्लॉक कार्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। जिला स्तर से इन भवनों को कंडम घोषित करते हुए जर्जर भवनों को गिराकर नया कार्यालय भवन बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन की ओर से पिछले दिनों तीनों ब्लॉक कार्यालयों पर नया भवन बनाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देते हुए कार्यदायी संस्था नामित कर दी गई है।
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि मुसाफिरखाना में चार करोड़ 64 लाख 93 हजार, सिंहपुर में चार करोड़ 66 लाख 86 हजार तथा भादर में आवासीय व अनावासीय भवन निर्माण के लिए चार करोड़ 76 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए मुसाफिरखाना को दो करोड़ 32 लाख 46 हजार, सिंहपुर में दो करोड़ 33 लाख 43 हजार तथा भादर में एक करोड़ 75 लाख नौ हजार रुपये की राशि पहली किस्त के रूप में अवमुक्त की गई है।
उन्होंने कहा कि नए भवन निर्माण के लिए सर्वे व मृदा परीक्षण का कार्य पूरा कर ले-आउट प्लान भी तैयार कर लिया गया है। पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी की कार्यवाही जारी है। जल्द ही जर्जर भवनों को गिराकर नए भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
सीडीओ ने कहा कि जर्जर हो चुके भवन पुराने मानचित्र के अनुरूप बने थे। नये भवन नये मानचित्र के अनुसार बनेंगे। नया भवन बनने से कार्यालय संचालन के लिए पर्याप्त कक्ष के साथ ही मीटिंग हाल आदि होने से सहूलियत मिलेगी। आवासीय भवन बनने से ब्लॉक पर कार्यरत कर्मियों को मुख्यालय पर रहने के लिए भी सहूलियत मिलेगी।