गौरीगंज (अमेठी)। वन डिस्ट्रिक वन उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए आंवला उत्पाद को शामिल किया गया है। खाद्य पदार्थ उत्पाद उद्योग स्थापित कर किसानों की आय बढ़ाई जा सके व लोगों को रोजगार मिल सके, इसके लिए शासन ने उद्योग स्थापना प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान देने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो इसके लिए उद्यान विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मांगा है। आवेदन की जांच के बाद उद्योग स्थापित कर खाद्य पदार्थों का उत्पादन करने पर लाभार्थियों को 35 प्रतिशत अनुदान विभाग खाते में अंतरित करेगा।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य पदार्थ उत्पादन करने पर लाभार्थियों को अनुदान मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि योजना (पीएमएफएमई) में उद्यमियों को अपने संचालित प्रोजेक्ट के उन्नयन एवं ओडीओपी आंवला उत्पाद के तहत नवीन प्रोजेक्ट की स्थापना एवं नान ओडीओपी उद्योग के उच्चीकरण पर 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
लाभ लेने के लिए आवेदक को पीएम एफएमई पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। उद्यमी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं पास व आयु 18 वर्ष से अधिक होनी अनिवार्य है। आंवला उत्पाद (ओडीओपी) आटा चक्की, राइस मिल, दाल व दाल मिल, आयल मिल, मक्का उत्पाद, दुग्ध उत्पाद, फल उत्पाद, गन्ना आधारित उत्पाद, मशरूम व संबंधित उत्पाद मिठाई, नमकीन, चिप्स, केचप, सास, माइक्रोनी, पास्ता, जूस, शेक अचार, मुरब्बा बेकरी, पशु एवं मुर्गी चारा, सिरका, केला आधारित उत्पाद, मसाला उत्पाद, मेवा संबंधित उत्पाद, हनी प्रसंस्करण उत्पादन करने में अनुदान मिलेगा।
योजना से संबंधित जानकारी जिला रिसोर्स पर्सन के मोबाइल नंबर 9136888939, 8052198703 तथा कार्यालय योजना प्रभारी मोबाइल नंबर 7318221368 पर संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है। योजना में चयन व उत्पादन शुरू होने के बाद टीम सत्यापित करेगी। सत्यापन के बाद अनुदान राशि उद्यमी के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से अंतरित की जाएगी।