जामो (अमेठी)। रोजी रोटी की तलाश में कुवैत गए युवक की मौत की सूचना के बाद परिवारीजन शव को घर लाने के प्रयास में जुटे रहे। सफलता नहीं मिलने पर मृतक के पुत्र ने एक दिवसीय दौरे पर अमेठी आईं स्मृति ईरानी से मदद मांगी। स्मृति ईरानी के प्रयास से मंगलवार रात 40 दिन बाद शव गांव पहुंचा। परिवार वालों ने गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
स्थानीय थाना क्षेत्र के पूरे द्वारिका पांडेय मजरे लोरिकपुर निवासी शिव प्रसाद पांडेय के पुत्र पवन पांडेय (42) 10 अप्रैल 2016 को कुवैत के दम्माम गए थे। तबसे वह घर नहीं आए थे। पवन के बड़े भाई दूधनाथ पांडेय ने बताया कि तीन नवंबर को उनकी हृदय गति रुकने से मौत की सूचना आई। तब से परिवार के लोग कुवैत से शव घर लाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
हर प्रयास व जुगाड़ से निराश मृतक के पुत्र ने पिछले दिनों एक दिवसीय दौरे पर अमेठी आईं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पास पहुंचकर लिखित रूप से मदद मांगी। स्मृति ने मृतक के पुत्र को पूरी मदद करने का आश्वासन देते हुए शव कुवैत से देश लाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा था। सांसद के प्रयास से मंगलवार देर रात 40 दिन बाद मृतक का शव उनके घर पहुंचा।
शव घर पहुंचने पर एक बार कोहराम मच गया। बुधवार सुबह उनके घर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। परिवारीजनों ने बुधवार को गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पवन के दो पुत्र गोपाल, अनिल तथा पत्नी दीपा का रो-रोकर हाल बेहाल रहा।