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1757 लाभार्थियों को नहीं मिली आवास की अंतिम किस्त

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गौरीगंज (अमेठी)। केंद्र सरकार ने झोपड़ी-छप्पर के नीचे जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए पीएम शहरी आवास योजना संचालित है। योजना के तहत नगरीय क्षेत्र के गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को चिह्नित कर लाभान्वित किया जा रहा है। चयनित 6043 पात्र लाभार्थियों में छह की मृत्यु होने के चलते 6037 को ही आवास की प्रथम किस्त जारी की जा सकी है।
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जिले के गौरीगंज व जायस को नगर पालिका परिषद तो अमेठी व मुसाफिरखाना को नगर पंचायत का दर्जा मिला है। नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले गरीब तबके के कई व्यक्ति ऐसे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते पक्के मकान सपना पूरा नहीं हो पाता। ऐसे व्यक्तियों की उम्मीदों को पंख लगाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत तीन किस्तों में दो लाख पचास हजार रुपये दिया जाता है।
जिले के चारों निकायों में पक्के आवास के लिए 7254 व्यक्तियों ने आवेदन किया था। सत्यापन के दौरान 6043 लाभार्थी पात्र पाए गए थे। चयन के बाद छह लाभार्थियों की मौत होने के चलते 6037 को आवास की प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है। आवास की किस्त मिलने के बाद कई लाभार्थियों ने आवास बनाना शुरू कर दिया। जिला नगरीय विकास अभिकरण विभाग ने दूसरी व तीसरी किस्त जारी कराने के लिए निर्माणाधीन आवास की जियो टैगिंग करना शुरू कर दिया।
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जियो टैगिंग के बाद अब तक 4950 लाभार्थियों को दूसरी व 3193 लाभार्थियों को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार 1757 लाभार्थियों को तीसरी व 1087 लाभार्थियों को दूसरी किस्त का इंतजार है। किस्त समय से नहीं मिल पाने के चलते लाभार्थियों को आवास निर्माण में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐेसे में उनके आवास निर्माण का कार्य बंद है। नगर पंचायत क्षेत्र अमेठी में 808, मुसाफिरखाना में 134 तो नागर पालिका परिषद जायस में 2429 तथा गौरीगंज में 2672 लाभार्थी चयनित हैं।
250 लाभार्थियों को भेजा गया नोटिस
प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किश्त जारी होने के बाद भी आवास निर्माण का कार्य शुरू नहीं करने वाले 250 लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है। यदि लाभार्थियों द्वारा जल्द कार्य शुरू नहीं किया गया तो उनसे आवास का पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
जल्द भेजी जाएगी किस्त
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी उमाशंकर वर्मा ने बताया कि बजट के अभाव के चलते समस्या हुई थी। लाभार्थियों को दूसरी व तीसरी किस्त भेजने की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही सभी के खाते में किस्त की राशि पहुंच जाएगी।
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