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जिला विधिक साक्षरता अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक

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अंबेडकरनगर। महिलाओं के उत्थान व उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं व सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इनका सभी को बढ़ चढ़कर लाभ उठाना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति जागरूक होना होगा। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक महिला हिंसा व उत्पीड़न पर अंकुश नहीं लग सकेगा।
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घरेलू हिंसा को रोकने के लिए महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करना होगा। यह बातें शनिवार को सीडीपीओ शेषनाथ वर्मा ने कहीं। वे जिला विधिक साक्षरता जागरुकता अभियान के तहत बेवाना में आयोजित कार्यकम को संबोधित कर रहे थे।
सीडीपीओ ने कहा कि जिला विधिक साक्षरता जागरकता अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करना है। महिलाएं हिंसा व उत्पीड़न को चुपचाप सहती रहती हैं। इससे कई प्रकार के अपराध को बढ़ावा मिलता है। महिलाओं को चुप रहने की बजाय, उन्हें इसके विरुद्ध आवाज बुलंद करना होगा। शासन ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090, 112 समेत कई अन्य प्रकार की सेवाओं का संचालन कर रखा है।
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इन सेवाओं का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शत प्रतिशत साक्षर होना होगा। साक्षरता के आधार पर ही वे अपने अधिकार के प्रति आवाज बुलंद कर सकती हैं। मालूम रहे कि मौजूदा समय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत जिले में वृहद पैमाने पर अभियान चलाकर महिलाओं समेत अन्य लोगों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्राधिकरण सचिव प्रियंका सिंह ने कहा कि अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। कहा कि महिलाएं यदि अपने अधिकार के प्रति जागरूक होंगी और अपनी बावाज बुलंद करने में आगे आएंगी तो महिला हिंसा व उत्पीड़न पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सकेगा।
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