फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घटने लगा जलस्तर तो बढ़ने लगीं लोगों की उम्मीदें

विज्ञापन
अंबेडकरनगर के शाहजहांपुर के निकट मठिया मंदिर रेलवे स्टेशन मार्ग पर पानी के बीच से आवागमन करने को - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। तमसा नदी के जलस्तर लगातार कमी आने से नागरिकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उम्मीद है कि जिस प्रकार से जलस्तर में कमीं हो रही है, उसे देखते हुए लगभग एक सप्ताह में घरों व प्रतिष्ठानों से बाढ़ का पानी हट जाएगा। ऐसे में बेपटरी हुई जिंदगी एक बार फिर से पटरी पर आ सकेगी। जलस्तर में कमी होती देख बाढ़ प्रभावित नागरिकों ने पानी से खराब हुए सामानों को सुरक्षित करने की व्यवस्था शुरू कर दी है, तो वहीं घर में पानी घुसने से भीग चुकी लकड़ी को ठेले पर लादकर उसे सुखाने के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। एनएच 232 व नई सड़क पर बाढ़ का पानी कम होने से आवागमन करने वालों ने जहां राहत की सांस ली है, तो वहीं शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग अभी भी पूरी तरह से जलमग्न है, जिसके चलते इस मार्ग पर आवागमन करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया, तो कुछ इस प्रकार के दृश्य देखने को मिले-
विज्ञापन

नई सड़क पर शुरू हुआ आवागमन
तमसा नदी के जलस्तर में कुछ कमी आई, तो अकबरपुर नगर के नई सड़क पर भी पानी बुधवार को कुछ कम हुआ। हालांकि अभी भी सड़क पर बाढ़ का पानी है, लेकिन पहले जैसी समस्या नहीं रह गई है। सड़क के बीचो बीच बने डिवाइडर पर पानी कम होने से अब नागरिक इस पर पैदल आवागमन करने लगे हैं। इसके अलावा जाम से बचने के लिए नागरिकों ने बाइक व साइकिल से नई सड़क पर आवागमन करना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि संबंधित मार्ग पर आवागमन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा अभी भी बैरीकेडिंग पूर्व की तरह की गई है।
भीगे सामानों को सुरक्षित करने की जद्दोजहद
तमसा नदी में आई बाढ़ का पानी अकबरपुर नगर के मुरादाबाद मोहल्ले में अभी भी बना हुआ है। दो दर्जन से अधिक घर जलमग्न हैं, तो शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जलमग्न है। बुधवार को अमर उजाला टीम मुरादाबाद मोहल्ले में पहुंची, तो वहां कुछ नागरिक घर में पानी घुसने के चलते भीगी लकड़ी को सुखाने के लिए सुरक्षित स्थान पर ठेले पर लादकर ले जाते हुए दिखे। जानकारी करने पर बताया गया कि लकड़ी भीगी है। ऐसे में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। अब इसे सुखाने के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।
विज्ञापन

नाव से सामान सुरक्षित करने की कोशिश
जौहरडीह मोहल्ले से कुछ नागरिक बुधवार को अकबरपुर नगर के गायत्री मंदिर के निकट पहुंचे थे। यहां एक नाव मौजूद थी। नागरिकों का कहना था कि वे यह नाव लेने के लिए आए हैं। दरअसल घर के निचले भाग में रखे सामान पानी भरने से खराब हो गए हैं। पानी कुछ कम हुआ है, तो ऐसे में सामानों को नाव के सहारे सुरक्षित स्थान पर भेजना है। इसी के लिए वे यहां आए हैं। कहा कि न सिर्फ वे अपना सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाएंगे, बल्कि के मोहल्ले के अन्य जिन लोगों को जरूरत होगी, उनकी भी मदद करेंगे।
हाईवे पर भी घट रहा पानी
तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते एनएच 232 पर मौहरिया गांव के निकट लगभग 500 मीटर में बाढ़ का पानी चढ़ा हुआ था। इससे आवागमन बाधित हो रहा था। प्रशासन द्वारा बड़े वाहनों के संबंधित मार्ग से आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। छोटे वाहनों को ही आवागमन की छूट दी गई थी। इस बीच दो दिनों से जलस्तर में हो रही कमी के बीच बुधवार को हाईवे पर पानी कम होने से संबंधित क्षेत्र पर आवागमन करने वालों ने राहत की सांस ली।
नागरिकों ने कहा अब बढ़ी उम्मीद
तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते अकबरपुर नगर के तमसा मार्ग, इमामबाग, जौहरडीह, मुरादाबाद, पंडाटोला, इंद्रलोक कॉलोनी, शहजहांपुर समेत कई अन्य मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया था। इससे 300 से अधिक घर व दुकानें जलमग्न हो गई थीं। अब जबकि जलस्तर में कुछ कमी आई है, तो ऐसे में प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों ने कुछ राहत की सांस तो ली है, लेकिन अभी भी ज्यादातर घर व दुकानें बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। शहजादपुर नई सड़क के एके कसौधन व इमामबाग के नियाज ने कहा कि उनकी दुकान व घर में बाढ़ का पानी घुस गया था। अब जबकि जलस्तर में कुछ कमी हुई है, तो आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना है।
तमसा मार्ग पर अभी भी पानी बरकरार
तमसा मार्ग पर लगभग एक दर्जन से अधिक घर व दुकानें जहां पूरी तरह से जलमग्न हो गई थीं, तो वहीं आधा दर्जन विद्यालयों के परिसर में भी बाढ़ का पानी भर गया था। इससे प्रभावित स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। जलस्तर में कमी तो हुई, लेकिन अभी भी घरों व स्कूलों में बाढ़ का पानी बना हुआ है। हालांकि नागरिकों को उम्मीद है कि जिस प्रकार से जलस्तर में कमी हो रही है, उससे लगभग एक सप्ताह में राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें