अंबेडकरनगर। महिला हिंसा व उत्पीड़न के खिलाफ भी महिलाओं को पूरी एकजुटता के साथ अपनी आवाज उठानी चाहिए। इसी से महिलाओं के अधिकारों का हनन थमेगा। यह आह्वान जन शिक्षण केंद्र की सचिव पुष्पा पाल ने किया। वह सोमवार को महिलाओं की जागरूकता के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर रही थी।
कहा कि महिलाओं को शिक्षित होने के साथ ही स्वावलंबी भी बनना चाहिए। जब वह शिक्षित होंगी तो उन्हें न सिर्फ अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जानकारी होगी वरन किसी भी हिंसा से निपटने में भी खुद सक्षम बनेगी। घर हो चाहे ऑफिस हर जगह लड़कियां अक्सर भेदभाव व उत्पीड़न के साथ हिंसा का शिकार हो रही हैं। चाहे वो घरेलू हिंसा हो या शारीरिक व मानसिक यातनाएं।
कार्यक्रम के समन्वयक जयराम ने कहा कि महिलाओं व बेटियों को हिंसा के विरुद्घ मजबूती से आवाज उठाना चाहिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लैंगिक आसामानताएं, कम उम्र में होने वाले जबरन और बिन मर्जी विवाह को रोकने, घरेलू हिंसा और किशोर किशोरियों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने, दहेज प्रतिषेध समेत पीड़ित महिलाओं व लड़कियों की तलाश कर उन्हें अभियान के जरिए मदद करना है।