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टीईटी पेपर लीक मामले में पकड़े गए शातिर

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अंबेडकरनगर। प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एक बार फिर अंबेडकरनगर से शातिरों की धरपकड़ हुई है। एसटीएफ ने महरुआ व जलालपुर थाना क्षेत्र के एक-एक युवक को गिरफ्तार किया है। इन पर टीईटी का प्रश्नपत्र लीक करने तथा दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने का मामला पाया गया है। इससे पहले टीजीटी का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में सॉल्वर गैंग का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने जिले से छह शातिरों को गिरफ्तार किया था।
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टीईटी का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद फिर अंबेडकरनगर का नाम प्रदेश में सुर्खियों में है। एसटीएफ ने लखनऊ में बीते दिनों छापा मारकर पेपर लीक करने के मामले में जिन चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें एक अंबेडकरनगर जनपद के महरुआ थाना क्षेत्र का रामनगर कर्री निवासी है। पुलिस ने आरोपी फौजदार वर्मा को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने प्रथम पाली का एक पेपर चार लाख रुपये में खरीदा था और उसे प्रति अभ्यर्थी 30 से 40 हजार रुपये में बेच रहे थे।
इसके बाद एसटीएफ की एक अन्य टीम ने टीईटी परीक्षाके नाम पर फर्जीवाड़े में तीन आरोपियों को धर दबोचा। इसका मुकदमा अयोध्या जनपद के अयोध्या कोतवाली में लिखवाया गया। इसमें गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक आरोपी रमेश गुप्त अंबेडकरनगर जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र के करौदी गांव का रहने वाला है। रमेश मकरन सिंह इंटर कॉलेज शाहजहांपुर में प्राइवेट टीचर है। इसके बाद रमेश ने दो अन्य आरोपियों संदीप व महेश के साथ मिलकर सॉल्वर के तौर पर काम करना स्वीकार किया। रमेश ने 26 नवंबर को पप्पू आर्या के स्थान पर उत्तराखंड में टीईटी की परीक्षा दी थी। तीनों आरोपियों का अयोध्या पुलिस ने चालान कर दिया है।
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जिले में किसी प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर अभियुक्तों के पकड़े जाने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले टीजीटी में भी एसटीएफ ने छापा मारकर कुल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान सॉल्वर गैंग के तौर पर हुई थी। बसखारी, अकबरपुर व जलालपुर से एसटीएफ व जनपद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की थी। इसमें आरोप था कि व्हाटसएप पर पहले से ही प्रश्नपत्र का उत्तर आ गया था। उधर, डीएलएड परीक्षा के दौरान भी गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे, लेकिन कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया था।
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