अंबेडकरनगर। जिले में जगह-जगह सड़क के किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े ट्रक समेत अन्य चार पहिया वाहन आए दिन दुर्घटना का सबब बनते हैं। जहां-तहां व आड़े-तिरछे खड़े ऐसे वाहनों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई को लेकर जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में यहां भी बाराबंकी जैसी दुर्घटना होने की आशंका लगातार बनी रहती है। नागरिकों ने कई बार ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाईवे व अन्य प्रमुख मार्गों पर पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ऐसे वाहनों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाती है, जो मनमाने ढंग से या तो सड़क पर खड़े रहते हैं या फिर बिगड़े रहते हैं। ऐसे ही वाहन जब तब यहां दुर्घटना को अंजाम देते रहते, लेकिन पुलिस को शायद किसी बड़े हादसे का यहां भी इंतजार है।
बाराबंकी में गुरुवार को हुए सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बाराबंकी जैसे हादसे की जिले में भी लंबे समय से आशंका बनी हुई है। दरअसल जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सड़क से एकदम सटकर ही जहां-तहां आड़े-तिरछे बड़े वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे वाहनों के विरुद्ध जिम्मेदारों द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई की सुध नहीं ली जा रही है। इस लापरवाही का कभी भी बड़ा खामियाजा नागरिकों व यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है। मनमानी की हद यह है कि एनएच 232 पर महरुआ के निकट सड़क के किनारे अक्सर आड़े-तिरछे होकर ट्रक खड़े रहते हैं, लेकिन इनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है।
इसके अलावा गौहन्ना के निकट, एनएच 233 पर भी जहां-तहां आड़े-तिरछे बड़े वाहन खड़े रहते हैं। गुरुवार को भी इन मार्गों पर जगह-जगह आड़े-तिरछे बड़े वाहन खड़े दिखे। बाराबंकी हादसे के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा ऐसे वाहनों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। जिले के आलापुर तहसील के विभिन्न मार्ग भी ट्रक चालकों की मनमानी का पूरी तरह शिकार हैं। इस इलाके के कई मार्गों पर ट्रक चालक लगभग आधी सड़क तक वाहन को खड़ा कर देते हैं। यही हाल टांडा तहसील क्षेत्र के सेम्हरिया चौराहा समेत अन्य मार्गों का भी है।
जिम्मेदार करें कड़ी कार्रवाई
बाराबंकी जैसा हादसा जिले में भी न हो, इसे लेकर गुरुवार को गणमान्य नागरिकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र भार्गव ने कहा कि जिले में भी एनएच 233 व 232 पर जगह-जगह अव्यवस्थित ढंग से बड़े वाहन खड़े रहते हैं, जो प्रत्येक समय बड़ी दुर्घटना को दावत देते हैं। जिम्मेदारों को चाहिए कि वे ऐसे वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। वरिष्ठ व्यवसायी नरेंद्र जायसवाल व शहाब परवेज ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह अभियान चलाकर एनएच पर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करे। बाराबंकी जैसी दुर्घटना यहां न हो, इसे पूरी तत्परता के साथ सुनिश्चित करे।
कार्रवाई के दिए गए निर्देश
सड़कों पर मनमाने ढंग से वाहन खड़े करने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। इस कार्य में और तेजी सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के लिए नए सिरे से सभी थानों को निर्देश दे दिया गया है।
-अशोक कुमार राय, एएसपी