अंबेडकरनगर। भूमि का बंटवारा न होने से नाराज होकर भाई की गैर इरादतन हत्या करने के दो आरोपियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय नेहा आनंद ने 8-8 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बाद में दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के लालापुर मदाराबाद गांव का है। गांव निवासी रामचंद्र वर्मा ने अकबरपुर कोतवाली में वर्ष 2014 में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उसके पुत्र विशाल वर्मा व विश्वजीत भूमि बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद करते रहते थे। जबकि मेरी पत्नी व एक अन्य पुत्र अमरजीत बंटवारे के पक्ष में नहीं थे। 21 अप्रैल की सुबह जब वह घर पर मौजूद नहीं था, तभी विशाल व विश्वजीत ने मिलकर अमरजीत पर जानलेवा हमला बोल दिया। बीचबचाव करने पहुंची मां को भी दोनों ने घायल कर दिया।
बाद में वह घर पहुंचा और दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से अमरजीत को चिकित्सकों ने ट्रॉमा रेफर कर दिया। उपचार के दौरान अमरजीत की बाद में मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय नेहा आनंद के समक्ष प्रस्तुत हुआ। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाषचंद्र वर्मा ने न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की तरफ से कई साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए। इसके आधार पर न्यायाधीश ने भाई की गैर इरादतन हत्या के मामले में दोनों आरोपी भाई विशाल व विश्वजीत को 8-8 साल की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।