बसखारी। पशु तस्करों से साठगांठ के आरोपी लाइन हाजिर सिपाही के अवैध कब्जे से रविवार को किछौछा पुलिस चौकी का सरकारी आवास खाली करा लिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने मामले में विवेचना तेज कर दी है। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने इस बीच बसखारी पुलिस को निर्देशित करते हुए कहा है कि सिपाही समेत जिन भी व्यक्तियों की भूमिका इसमें पाई जाती है, उन पर कार्रवाई तय की जाए।
स्वाट टीम से लाइन हाजिर किए गए सिपाही अमलेश यादव इन दिनों किछौछा पुलिस चौकी के सरकारी आवास में रह रहा था। गोपनीय सूचना के आधार पर बसखारी पुलिस ने शनिवार को उसके आवास पर छापा मारा तो वहां से एक बाइक पर छिपाकर रखा गया 25 किग्रा. वध प्रतिबंधित पशु का मांस बरामद हुआ। हालांकि बसखारी पुलिस के अनुसार बरामदगी सिपाही के आवास की बजाय बगल से हुई। पुलिस ने इसके बाद दो आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। सिपाही का नाम साक्ष्य एकत्र कर विवेचना में शामिल करने का निर्देश एसपी ने दिया।
इस बीच देर शाम ही निर्णय ले लिया गया कि संबंधित सिपाही से आवास खाली करा लिया जाएगा। बताया जाता है कि सिपाही संबंधित आवास में हजारों रुपये का काम निजी मद से कराए जाने का हवाला देकर उसे खाली करने को तैयार नहीं था, लेकिन बसखारी एसओ श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि आवास को लगभग खाली करा लिया गया है। एसओ के मुताबिक विवेचना तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। कई जरूरी साक्ष्य हाथ लगे हैं। इसके आधार पर आगे जल्द ही कार्रवाई होगी। उधर, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि इस तरह के अनुचित कृत्य में यदि कोई भी पुलिसकर्मी शामिल पाया गया, तो उसे सीधा जेल भेजा जाएगा। एसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला सामने आते ही सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।