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Ambedkar Nagar News: अफसरों तक पहुंच सकती है नाजिर की रिश्वतखोरी की आंच

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अंबेडकरनगर। विकास भवन के नाजिर की रिश्वतखोरी की आंच अफसरों तक भी पहुंच सकती है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने नाजिर की संपत्तियों को खंगालना शुरू कर दिया है। एक दिन पहले मंगलवार देर शाम नाजिर के घर छापा डालकर टीम ने कई जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। बुधवार को भी टीम के जिले में बने रहने से अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों पर भी इसका असर देखने को मिला।
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विकास भवन में तैनात नाजिर वीरेंद्र सिंह चौहान को बीते दिनों भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने 10 हजार रुपये के रिश्वत लेते जनपद न्यायालय के निकट से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। रामनगर ब्लाॅक में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी ने दरअसल एंटी करप्शन अधिकारियों से रिश्वतखोरी की शिकायत की थी। उनका कहना था कि निलंबन के बाद हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद बहाली के लिए रिश्वत मांगी जा रही है।

इसी के बाद टीम का गठन कर छापा पड़ा। इसमें नाजिर गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बाद में गोरखपुर जेल भेज दिया गया। तीन दिन बाद अब एंटी करप्शन टीम फिर से सक्रिय हुई है। टीम ने मंगलवार शाम जेल भेजे गए नाजिर वीरेंद्र के टांडा तहसील क्षेत्र के अलीगंज थाना अंतर्गत छोटी बाजार स्थित घर पर छापा मारा। खबर है कि टीम ने वहां से कई कागजात अपने कब्जे में लिए हैं। कुछ नकदी व जेवरात भी जांच पड़ताल के लिए साथ ले जाने की खबर है।
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इस बीच एक महत्वपूर्ण खबर यह निकलकर सामने आई है कि एंटी करप्शन टीम नाजिर की आय से अधिक संपत्तियों का पता लगाने को लेकर जांच करेगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में यह छापा मारा गया है। सूत्रों के अनुसार इसमें महत्वपूर्ण सुराग आगे हाथ लगे तो अफसरों तक भी जांच की आंच पहुंच सकती है। हालांकि एंटी करप्शन टीम कुछ भी बताने को तैयार नहीं है लेकिन टीम जिस तरह बुधवार को भी जिले में बनी रही उससे खासी हलचल है।

टीम की मौजूदगी से हड़कंप
एंटी करप्शन टीम के सदस्यों को बुधवार को अकबरपुर ब्लाॅक परिसर से लेकर विकास भवन व अन्य कार्यालयों में भी देखा गया। इसका असर यह कि ऐसे तमाम कर्मचारी जिनके आसपास बाहरी लोगों का जमावड़ा रहता था वे बुधवार को नदारद दिखे। मुख्य रूप से लेखपाल, सेक्रेटरी व कानूनगो आदि के आसपास निजी कर्मचारियों का जो बोलबाला रहता है वह अब नहीं है। छापे में पकड़े जाने के भय से ऐसे लोग अब सरकारी कर्मचारियों के आसपास फिलहाल नहीं दिख रहे। बुधवार को पूरे दिन एंटी करप्शन टीम का जिले में होना सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय रहा।
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