ठगी के आजमा रहे नए-नए तरीके, ज्यादातर मामलों में केस दर्ज कराने से बच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। साइबर अपराधी इन दिनों परिजनों के गंभीर आपराधिक मामले में फंसे होने की बात कहकर लोगोंं को ठग रहे हैं। अक्सर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस ने एक मामला दर्ज भी किया है। ज्यादातर लोग केस दर्ज कराने से बच रहे हैं। लेकिन प्रतिदिन कहीं न कहीं ठगी की कोशिश की जा रही है।
बड़ा सवाल यह है कि आखिरी साइबर अपराधियों पर पीड़ितों के फोन नंबर कैसे पहुंचे और उन्हें उनके घर-परिवार में घटित मामलों की जानकारी कैसे हो रही है। इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। सूत्रों के अनुसार साइबर अपराधियों को ये सारी जानकारियां पुलिस के पोर्टल से मिलती हैं। थानोंं में दर्ज सभी तरह की एफआईआर यूपी कॉप पर दिखाई देने लगती हैं। कोई भी व्यक्ति इस एप पर किसी भी राज्य और जिले के किसी भी थाने में दर्ज एफआईआर को पढ़ सकता है। उसमें घटना का पूरा विवरण, आरोपितों के नाम और एफआईआर के दर्ज कराने वाले (वादी) का नाम, फर पता और मोबाइल नंबर भी लिखा होता है। साइबर अपराधी इसका उपयोग ठगी के लिए कर रहे हैं।
20 हजार न दिया तो भरना पड़ेगा ढाई लाख जुर्माना
केस एक : टांडा के अरविंद्र कुमार के मोबाइल पर बीते दिनों दोपहर 12 बजे एक फोन आया। दूसरी तरफ से बोल रहे ठग ने कहा मैं बिजली विभाग से बोल रहा हूं। आपके खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज हुआ है। 20 हजार दे दो केस खत्म कर दूंगा। नहीं तो ढाई लाख रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके बाद मोबाइल पर बारकोड भेज दिया। शक होने पर छानबीन करने पर पता चला की वह फोन ठगों द्वारा किया गया है। अरविंद ने हालांकि केस नहीं दर्ज कराया।
बेटे को छुड़ाना है तो 50 हजार रुपये भेज दो
केस दो : आलापुर थाने के एक स्कूल प्रबंधक के पास बीते माह साइबर ठग ने फोन कर कहा कि उनके बेटे को मुंबई पुलिस ने गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यदि उसे छुड़ाना है। तो तत्काल 50 हजार रुपये भेज दो। तभी उनको बेटा स्कूल परिसर में दिखा तो प्रबंधक को तत्काल पूरा मामला समझ में आ गया। जिसके बाद ठग को फटकारते हुए फोन काट दिया। प्रबंधक ने भी केस दर्ज करने के लिए तहरीर नहीं दी।
बेटे को छुड़ाने के नाम पर ठगे ढाई लाख
केस तीन : बसखारी बाजार निवासी कन्हैयालाल का पुत्र मुंबई में रहता है। बीते 16 मई को साइबर ठगों ने मुंबई पुलिस बनकर कन्हैया लाल के पास कॉल कर पुत्र को गंभीर अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की बात बताई तथा छोड़ने के बदले में ढाई लाख रुपये की ठगी कर ली। जबकि उनका बेटा ऐसे किसी केस में नहीं फंसा था। पीड़ित ने साइबर थाने मेंं केस दर्ज कराया है।
लोगों को सजग रहने की जरूरत
साइबर ठग हर दिन ठगी का नया नया तरीका खोज लोगोंं के साथ ठगी कर रहे हैं। ऐसे में लोगोंं को सजग रहने की जरूरत है। किसी भी लिंक को कतई न खोलें। कॉल आने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर फोन कर जानकारी दें। -दर्शन यादव, थानाध्यक्ष साइबर थाना