अंबेडकरनगर। प्रशासन ने छुट्टा घूम रहे पशुओं को गोवंश आश्रय स्थलों के माध्यम से पशुपालकों को दिये जाने के बाद उनके भरण पोषण के लिए लगभग नौ लाख रुपये की धनराशि खाते में भेज दी है। इसमें 44 किसान ऐेसे हैं, जो कुपोषित परिवारों से जुड़े हैं, जबकि 686 सामान्य पशुपालकों द्वारा पशुओं की देखभाल की जा रही है। किसानों की सुपुर्दगी में 1043 गोवंशीय पशु दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत बीते दिनों उन किसानों का चयन किया गया था, जो कुपोषित परिवारों से जुड़े हैं। इनमें सिसवां पशु आश्रय स्थल से जुड़े 13, प्रतापपुर चमुर्खा के पांच, टीकमपारा के दो, जैतपुर खास के दो, भड़सारी के 10, उमरापुर मीरापुर के एक, रत्ना के 10 तथा पटोहा गानेपुर से जुड़ा एक किसान शामिल है। इन किसानों को 44 दुधारू पशु दिये गये थे। इनके खाते में अप्रैल माह के सापेक्ष 30 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन की दर से कुल 39 हजार 600 रुपये भेजे दिये गये हैं।
डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा है कि डीबीटी प्रक्रिया के माध्यम से धनराशि भेेजते हुए उपभोग प्रमाण पत्र भी देना तय किया जाएगा। उधर इसी योजना के तहत सामान्य किसानों व अन्य ग्रामीणों को कुल 999 पशु सौंपे गये थे। संबंधित 686 किसानों को आठ लाख 20 हजार 320 रुपये खाते के माध्यम से दिये गये। इसमें सैरपुर भितरी के 132, सिसवां के 94, प्रतापपुर चमुर्खा के 25, टीकमपारा के 75, तेरिया के 13, केवारी परमानन्द के 76, जैतपुर खास के 44, भड़सारी के 11, उमरापुर मीनापुर के 17, चहोड़ा शाहपुर के 21, तेंदुआईखुर्द के 26, लालमनपुर के 14, रत्ना के 87, पटोहा गानेपुर के 42 तथा मालीपुर के नौ किसान शामिल हैं।