अंबेडकरनगर। पेराई सत्र 2021-22 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। गन्ना एवं चीनी आयुक्त के दिशा निर्देश पर आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति की नीति जारी कर दी गई। प्रति कृषक गन्ना सट्टे की सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।
जिला गन्ना अधिकारी हरिकृष्ण गुप्त ने बताया कि निर्धारित मानक से अधिक गन्ना किसान अपने सट्टे पर नही बेच सकेंगे। बताया कि आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश शासन ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है। बताया, सीमांत कृषक एक हेक्टेयर पर अधिकतम 850 कुंतल, लघु कृषक दो हेक्टेयर पर 1700 कुंतल व सामान्य कृषक 5 हेक्टेयर पर 4250 कुंतल गन्ने की बिक्री कर सकेंगे। इसके अलावा बढ़ोत्तरी की स्थिति में क्रमश: 1350, 2700 व 6750 कुंतल गन्ने की बिक्री कर सकेंगे। किसानों को बेसिक कोटा विगत दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को ही माना जाएगा। भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा भी नियमानुसार हस्तांतरणीय होगा। कृषकवार सट्टे की मात्रा का आगणन 10 अक्तूबर तक किया जाएगा।
ट्रेंच विधि से र्बोआई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित उत्तम गन्ना कृषकों से उपज बढ़ोत्तरी के प्रार्थना पत्र नि:शुल्क प्राप्त किए जाएंगे। ड्रिप इरीगेशन पद्धति से सिंचाई करने वाले कृषकों को उपज बढ़ोत्तरी में प्राथमिकता दी जाएगी। 11 सितंबर से 30 सितंबर 2021 तक समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला लगाकर सर्वे में हुई त्रुटि का निस्तारण होगा। गन्ना कृषक उपज बढ़ोत्तरी के लिए निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन पत्र 30 सितंबर 2021 तक दे सकेंगे।