अंबेडकरनगर। सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पास प्रदर्शन कर लखीमपुर खीरी मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने एक समाचारपत्र की प्रति जलाते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 के उल्लंघन में केस दर्ज किए जाने की आवाज उठाई।
प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रेश वर्मा ने कहा कि जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, उसे उपद्रवी कहा जा रहा है। किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकार को मांग रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के निस्तारण के बजाए उन पर गाड़ी चढ़ा दी जा रही है। उन्हें रौंदकर मार दिया जा रहा है। लखीमपुर खीरी में जो कुछ भी हुआ, वह देश के इतिहास में कभी भी नहीं हुआ। यदि समय रहते केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के विरुद्ध उसी समय कार्रवाई की गई होती, जब उन्होंने धमकी देने वाला बयान दिया था, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
प्रदेश महासचिव डॉ. अमित पटेल ने कहा कि लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे किसानों को रौंद दिया। उन्हें न्याय दिलाने के बजाय एक समाचारपत्र ने किसानों को ही उपद्रवी बना दिया। ऐसा कर संबंधित समाचार पत्र ने संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन किया है। इस मामले में संबंधित समाचार पत्र पर कार्रवाई की जाए।
जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। बाद में एक समाचारपत्र की प्रति जलाते हुए कहा कि संबंधित समाचारपत्र पर यदि शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर पवन वर्मा, अंकुर, विवेक, अभय, अंकित, मंजीत, रजनीश आदि मौजूद रहे।