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कोई बनना चाहता है चिकित्सक को तो कोई आईएएस अफसर

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अंबेडकरनगर। काफी इंतजार के बाद शनिवार को यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम आने के बाद उत्साहित छात्र-छात्राओं ने कहा कि अब जबकि परीक्षा परिणाम आ चुका है, तो ऐसे में अब आगे की पढ़ाई की तैयारी तेज कर दी जाएगी। परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले मेधावियों में कुछ चिकित्सक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं तो कुछ आईएएस अफसर व इंजीनियर बनना चाहते हैं। शनिवार शाम परिणाम आने के बाद सफल छात्र-छात्राओं ने अमर उजाला से बातचीत में भविष्य को लेकर जो जानकारी शेयर की, वह कुछ इस प्रकार से है।
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अकबरपुर पब्लिक स्कूल के हाईस्कूल के छात्र रोहन चौरसिया ने कहा कि उनका लक्ष्य चिकित्सक बनकर समाज व देश की सेवा करना है। उन्होंने सफलता का श्रेय परिवारीजनों व गुरुजनों को देते हुए कहा कि बगैर उनके मार्ग दर्शन के इस प्रकार की सफलता हासिल नहीं हो सकती थी। कहा कि जिंदगी की पहली परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अब उनका पूरा फोकस इंटरमीडिएट की परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करना और उसके बाद नीट क्वालीफाई करने का लक्ष्य है।
मां ब्रह्मादेवी रमाशंकर इंटर कॅलेज तमसा मार्ग अकबरपुर के हाईस्कूल की छात्रा प्रिया राय ने कहा कि 91.67 प्रतिशत अंक जो उसे हासिल हुए हैं, उसका श्रेय पूरी तरह से परिवारीजनों व गुरुजनों को जाता है। कहा कि उसका मुख्य उद्देश्य आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करना है। उम्मीद है कि जिस प्रकार से आगे भी माता-पिता व गुरुजनों का मार्गदर्शन मिलता रहेगा और जो लक्ष्य को निर्धारित किया है, उसे आसानी के साथ हासिल कर लेंगे।
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इंटरमीडिएट में 88 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले मां ब्रह्मा देवी रमाशंकर इंटर कॉलेज के गौरव प्रजापति ने सफलता का श्रेय अभिभावकों व गुरुजनों को देते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य आईपीएस अफसर बनना है। निजी चिकित्सक डॉ. धनीराम व शिक्षामित्र मां अमरावती देवी ने कहा कि उन्हें पुत्र की सफलता पर गर्व हो रहा है। जिस प्रकार से अब तक वह सफलता हासिल करता आया है। उसी प्रकार से पूरी उम्मीद है कि जिस लक्ष्य का निर्धारण उसने किया है, उसमें भी सफलता मिलेगी।
मां ब्रह्मादेवी रमाशंकर इंटर कॉलेज तमसा मार्ग की इंटरमीडिएट की छात्रा उम्मे हबीबा ने कहा कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। 86.8 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली उम्मे हबीबा ने कहा कि उसे जो सफलता हासिल हुई है, उसका पूरा श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को जाता है। उनके मार्गदर्शन के चलते ही उसे यह सफलता मिली है। अब उसका पूरा लक्ष्य इंजीनियर बनना है। व्यवसायी सरदार अहमद व गृहणी ताहिरा बेगम ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनकी पुत्री को बेहतर अंक हासिल होंगे।
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