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किसी को दल बदल ने दिलाई कुर्सी तो किसी को मिली निराशा

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अंबेडकरनगर। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दलबदल ने किसी को कुर्सी दिलायी तो किसी को मायूसी। जिला पंचायत चुनाव में सिर्फ दो सदस्य जीतने के बावजूद जिस तरह से बीजेपी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया, उससे ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदारों में हड़कंप मच गया। अलग-अलग ब्लॉक के तमाम वरिष्ठ नेताओं को भी लगने लगा कि भाजपा के साथ रहकर ही नैया पार लगाई जा सकती है। इसी के चलते ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन से एक दिन पहले तक बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला चलता रहा। ऐसे कई दावेदारों को लाभ भी मिला, तो कुछ को निराशा हाथ लगी।
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चुनाव से ठीक पहले सपा में शामिल हुए रामनगर के नेता रामधारी यादव चुनाव जीतने में सफल नहीं हो पाए, जबकि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए संजय सिंह बसखारी से ब्लॉक प्रमुख बन गए। सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने जा रहीं वरिष्ठ सपा नेता मलखान सिंह की पत्नी निर्मला सिंह को भी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होना लाभप्रद हो गया। वे निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुन ली गईं।
कटेहरी ब्लॉक में बीडीसी मौसम वर्मा ने भी प्रमुख चुनाव से ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया। वे भी निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बन गए। इस मामले में अकबरपुर की पूर्व प्रमुख सुनीता वर्मा का भाग्य ठीक नहीं रहा। वे अब तक सपा के समर्थन से ब्लॉक प्रमुख रही थीं, लेकिन इस बार सपा ने युवा नेता आनंद वर्मा की पत्नी देविका वर्मा को टिकट दे दिया। इस पर सुनीता बसपा में शामिल हो गईं। बसपा ने उन्हें चुनाव लड़ाने का भी मन बनाया, लेकिन नामांकन से ठीक पहले वे भाजपा में चली गईं। इसके बावजूद उन्हें जीत नसीब नहीं हुई।
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