अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में धनाभाव के चलते ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य ठप हो गया है। लगभग सवा करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को अब तक मात्र 19 लाख 90 हजार रुपये ही उपलब्ध कराए जा सके हैं। धनराशि न मिलने के चलते ही ट्रॉमा सेंटर का निर्माण लगभग ठप हो गया है। इससे किसी अप्रिय घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ तक की दौड़ लगाने से बचने की उम्मीद रखने वालों को तगड़ा झटका लगा है।
जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर नागरिकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर करना पड़ता है। मरीजों को लखनऊ तक की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए मार्च 2020 में शासन ने जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। एक करोड़ 19 लाख 42 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दी गई। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की आर्थिक मुश्किल न हो, इसके लिए प्रथम किस्त के रूप में कार्यदायी संस्था को 19 लाख 90 हजार रुपये प्रदान कर दिए गए। इसके बाद निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ भी हो गया। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे निर्माण कार्य की गति का पहिया धीमा पड़ने लगा। कारण यह कि शासन से कार्यदायी संस्था को दूसरी किस्त की राशि ही अब तक नहीं मिल सकी है। तमाम कोशिशें हुईं, लेकिन राशि नहीं मिल सकी।
इस बीच धनाभाव के चलते ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य मौजूदा समय में लगभग पूरी तरह से ठप हो गया है। बताया जाता है कि धन के लिए कई बार शासन को पत्र भी भेजा गया, लेकिन धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य ठप होने से आम नागरिकों व मरीजों की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। स्वास्थ्य विभाग के जेई विजयपाल सिंह ने बताया कि धनाभाव के चलते ही निर्माण कार्य ठप है। धनराशि उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही राशि उपलब्ध हो जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जिम्मेदार जल्द दिलाएं धनराशि
सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र राजभर ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की योजना बेहतर कार्य था, लेकिन जिस प्रकार से धनाभाव के चलते निर्माण कार्य ठप है, वह अत्यंत चिंताजनक है। जिम्मेदारों को चाहिए कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हो सके, इसके लिए धन उपलब्ध कराएं। व्यापारी नेता नरेंद्र जायसवाल ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से लखनऊ तक की दौड़ लगाने वालों को राहत मिलेगी। अक्सर ऐसा होता है कि गंभीर रूप से घायल को केजीएमयू लखनऊ ले जाने के दौरान उसकी मौत हो जाती है। जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से समय पर समुचित इलाज सुनिश्चित हो सकेगा। कई अन्य नागरिकों ने जोर देकर कहा कि जिला प्रशासन को इसके लिए विशेष प्रयास करना चाहिए, जिससे जरूरी धनराशि अविलंब आवंटित हो सके।
शासन को भेजा गया पत्र
धनाभाव के चलते ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य बाधित है। निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण हो सके, इसके लिए शासन को पत्र भेजकर राशि की मांग की गई है। धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य तेज कर दिया जाएगा।
डॉ. सालिकराम पासवान, प्रभारी सीएमओ