भीटी। राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के तहत भीटी ब्लाक के डवाकरा हाल में गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को योग एवं आयुष के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। बाल विकास परियोजना अधिकारी बलराम की अगुवाई में योग वैलनेस सेंटर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आलापुर आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक डॉ ललित तिवारी ने न सिर्फ योग के विभिन्न आसानों का अभ्यास कराया वरन योग के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
योग प्रशिक्षक ने कहा कि योग और आयुर्वेद सदियों पुरानी चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित हैं। इनके बेहतर प्रयोग से स्वस्थ और सुखी जीवन शैली युक्त समाज स्थापित था। योग में क्रियाएं करके जहां मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्घि होती है वहीं हमारे शरीर के सभी संस्थान ऑक्सीजन की पर्याप्तता को अवशोषित कर ठीक ढंग से कार्य कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा प्रदान की गई आंवला, तुलसी, सहजन, चिरायता व पीपल का प्रयोग कर प्राकृतिक रूप से पोषण स्तर को सुधारा जा सकता है।
आंवला और गिलोय के प्रयोग से सांस की क्रियाओं को करके शरीर में पोषण देने वाले एंडोक्राइन सिस्टम आसानी से जागृति होकर नई कोशिकाओं का निर्माण शुरू कर देते हैं। सहजन की पत्तियों का रस प्रत्येक प्रकार की कमजोरी को दूर करने में रामबाण औषधि के रूप में विख्यात है। इससे पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्राणायाम में कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम विलोम के साथ मंडूकासन व सिंहासन आदि का अभ्यास कराया गया। साथ ही इसके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।