अंबेडकरनगर। तमसा नदी के रौद्र रूप ने अकबरपुर नगरवासियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को भी न सिर्फ शहजादपुर स्थित बाहरी मुख्य मार्ग पर नदी का पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित होता रहा, वरन तमसा मार्ग व स्टेशन मार्ग पर जलभराव होने से लोगोें का आवागमन ठप रहा। सड़कों के साथ ही तमाम घरों व दुकानों में बाढ़ का पानी भर जाने से लोगोें की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इस बीच दर्जनों ऐसे परिवार हैं, जो नदी के पानी के घटने पर फिर से अपने घरों में वापस जाने की बाट जोह रहे हैं। दर्जनों ऐसे व्यापारी हैं, जिनका कारोबार ठप है। वे भी इस उम्मीद में हैं कि दुकान से पानी निकले तो नुकसान का आकलन कर नए सिरे से कारोबार शुरू किया जा सके। इस बीच सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहजादपुर बाहरी मार्ग की है। जहां पेड़ों की कटान के बीच जलभराव ने न सिर्फ स्थानीय नागरिकों वरन यात्रियों को भी परेशान कर रखा है।
तमसा नदी की उफान के चलते आम नागरिकों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। दशकों बाद तमसा नदी का ऐसा रौद्र रूप नागरिकों को देखने को मिला है, जिससे न सिर्फ घरों में रहने वरन व्यवसाय करने से लेकर आवागमन तक में अवरोध उत्पन्न हुआ है। दरअसल तमसा नदी का पानी उफनाकर पहले तमसा मार्ग पर अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज के आगे मिर्जापुर के निकट सड़क पर आ गया। इसके बाद अकबरपुर नगर के शहजादपुर स्थित बाहरी मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ गया।
इसी बीच शहजादपुर से स्टेशन जाने वाला मार्ग भी तमसा नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया। पानी भर जाने से तमसा मार्ग व स्टेशन मार्ग पर तो आवागमन लगभग ठप पड़ गया है, लेकिन शहजादपुर बाहरी मार्ग से जैसे-तैसे आवागमन हो रहा है। यहां सड़क चौड़ीकरण के लिए तमसा नदी की उफान के ठीक पहले पेड़ों की कटान कराई गई थी। इससे जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। पेड़ों के गिरने से आवागमन प्रभावित होने लगा था। इसी बीच तमसा नदी के उफनाने के चलते स्थिति और खराब हो गई। नदी के पानी ने पांच सौ से अधिक दुकानों व घरों को अपनी चपेट में ले रखा है। नदी के पानी का कहर इस बीच मंगलवार को भी बरकरार रहा। शहजादपुर बाहरी मार्ग पर दिनभर आवागमन में मुश्किलें होती रहीं।
पानी भरे मार्ग पर फंसे वाहन
शहजादपुर के बाहरी मार्ग पर इन दिनों चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त है। पेड़ों की कटान व खुदाई के चलते गड्ढे हो गए हैं। इसी बीच सड़क पर नदी का पानी भर जाने से आवागमन दुरुह हो गया है। मंगलवार को तमाम वाहन इस क्षेत्र में पानी व गड्ढों में फंसते रहे। सबसे ज्यादा मुश्किल ई-रिक्शा चालकों को हो रही है। दिनभर यहां सवारियों को बिठाए ई-रिक्शा गड्ढे में फंसते दिखे। इससे सवारियों को पानी में उतरने को विवश होना पड़ा। कई ई-रिक्शा तो पलटते-पलटते बचे। यही हाल बाइक सवारों का भी है। मंगलवार को आधा दर्जन से अधिक बाइक चालक अनियंत्रित होकर पानी में गिर पड़े। कई बाइक चालकों का जरूरी सामान भी पानी में भीग गया।
डिवाइडर के सहारे हो रहा आवागमन
तमसा नदी का पानी मुख्य मार्ग पर भर जाने के चलते शहजादपुर बाहरी मार्ग पर सुरक्षित आवागमन के लिए पद यात्रियों के लिए बीच में निर्माणाधीन डिवाइडर बड़ा सहारा बन रहा है। पूरी सड़क पर पानी भरा होने के चलते इसी निर्माणाधीन डिवाइडर के ऊपर से होकर स्थानीय नागरिक व यात्री पैदल आवागमन कर रहे हैं। कई साइकिल चालक भी इसी डिवाइडर का सहारा ले रहे हैं। बाइक सवार भी डिवाइडर के ही सहारे धीरे-धीरे मंगलवार को आगे बढ़ते देखे गए।
जलस्तर घटे तो फिर घरों में मिले शरण
तमसा नदी का पानी घरों में घुस जाने के बाद दर्जनों परिवारों को नदी का जलस्तर घटने का इंतजार है। दरअसल ऐेसे तमाम परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी पड़ी है। मीरानपुर निवासी पिंटू गौड़ ने बताया कि घर में पानी भर जाने से अन्यत्र शरण ली है। घर से पानी निकले तो वापस घर में जाएं। राजन पांडेय, फौजदार तथा श्रीकांत ने बताया कि मकान चारो तरफ से पानी से घिरा होने के चलते दूसरे स्थान पर शरण लेनी पड़ी है। पानी कम हो तो फिर से घर में जाने की स्थिति बनेे। मोनू सोनकर ने कहा कि मेरी चाय की दुकान पानी में डूबी हुई है। इससे कमाई ठप है। पानी घटे तो फिर से दुकान शुरू हो सके। कई अन्य नागरिकों ने इसी तरह की समस्या गिनाते हुए कहा कि तमसा नदी के पानी ने इस बार ज्यादा परेशान किया है।
विद्यालय प्रबंधन ने कराई बैरिकेडिंग
तमसा मार्ग पर जलभराव के चलते हादसे को रोकने के लिए डॉ. अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज प्रबंधन आगे आया है। महाविद्यालय संचालक अभिनव वर्मा ने जनहित के मद्देनजर पहल करते हुए मुख्य मार्ग के किनारे बांस बल्लियों से बैरिकेडिंग करा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि सड़क से लेकर नदी तक पानी भरा होने के चलते यह आकलन नहीं हो पा रहा है कि सड़क की सीमा कहां तक है। ऐसे में स्कूल के छात्र-छात्राओं के अलावा आम नागरिक हादसे का शिकार न हो जाएं, इसलिए निजी खर्च पर यह पहल की गई।