जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए मरीजों की लगी लंबी लाईन - संवाद
अंबेडकरनगर। बदलते मौसम में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को 1350 मरीजों की ओपीडी हुई, इसमें लगभग 325 मरीज बुखार से पीड़ित थे। इस दौरान पर्ची काउंटर, चिकित्सक कक्ष के सामने व दवा काउंटर पर आपाधापी का माहौल रहा। कुछ तीमारदारों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इसे देखते हुए मौके पर पुलिसकर्मियों को बुलाना पड़ा।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते संचारी रोगों ने भी तेजी से पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। सिर में दर्द व उल्टी के साथ तेज बुखार की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में लगातार बढ़ रही है। इसके चलते अस्पताल में दिन प्रतिदिन ओपीडी भी बढ़ रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को 1350 मरीजों की ओपीडी हुई, इसमें लगभग 350 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
सुबह से ही दूरदराज के क्षेत्र से बेहतर इलाज की उम्मीद के साथ मरीजों का तीमारदारों के साथ जिला अस्पताल में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही देर में पर्ची काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों की लंबी लाइन लग गई। आलम यह था कि ओपीडी के मुख्य गेट के बाहर तक मरीज खड़े नजर आए।
ऐसे में इलाज के लिए मरीजों के बीच आपाधापी का भी माहौल दिखा। पहले इलाज कराने को लेकर इस बीच कुछ मरीजों व तीमारदारों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इसे देखते हुए परिसर में ही मौजूद पुलिस कर्मियों को मौके पर बुलाना पड़ा। इसके बाद सामान्य रूप से मरीजों का इलाज किया गया। सबसे अधिक लंबी लाइन फिजीशियन कक्ष के बाहर लगी थी।
लंबे इंतजार के बाद आया नंबर
अकबरपुर नगर के शहजादपुर निवासी शमीम ने कहा कि वह अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें दो दिन से तेज बुखार है। साढ़े आठ बजे आए लेकिन लगभग साढ़े 10 बजे नंबर आया। आधा घंटा तो पर्ची बनवाने में लग गया। बेवाना के रामअरज ने कहा कि वह बुखार से पीड़ित अपनी पत्नी को लेकर सुबह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंने लेकिन 10.45 बजे इलाज हो सका। कहा कि जब मरीजों की संख्या बढ़ी है तो कुछ वैकल्पिक व्यवस्था जिम्मेदारों को करनी चाहिए थी। बनगांव के रामलाल ने कहा कि लगभग एक घंटा पर्ची बनवाने तो इतना ही समय दवा लेने में लग गया। आधा घंटे लाइन में लगने के बाद इलाज मिल सका।
सभी मरीजों का हुआ इलाज
मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, इससे कुछ समस्या हुई होगी। हालांकि मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस